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भाजपा के कल शुरू हो रहे प्रशिक्षण शिविर की साइड स्टोरी

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चंडीगढ़। भारतीय जनता पार्टी के 3 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में मिशन 2024 को फतेह करने की रणनीति बनाई जाएगी। भाजपा के शीर्ष नेता पार्टी में निचले स्तर पर जहां केंद्र व राज्य सरकारों की उपलब्धियों की जानकारी देंगे। वहीं उन्हें इन उपलब्धियों को जनता के बीच लेकर पहुंचने का रोडमैप भी समझाया जाएगा। भाजपा 2024 के लोकसभा और विधानसभा चुनाव अकेले ही अपने दम पर लड़ने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
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हरियाणा में भले ही भाजपा व जजपा गठबंधन की सरकार है, लेकिन 2024 का चुनाव दोनों दल मिलकर लड़ेंगे, इसकी संभावना नहीं है। पंचकूला में हुई प्रांतीय परिषद की बैठक में सैद्धांतिक रूप से यह तय हो चुका है कि 2024 में भाजपा खुद के बूते सरकार बनाने की दिशा में आगे बढ़ेगी। भाजपा को शहरी लोगों की पार्टी माना जाता है। निकाय चुनाव में पार्टी की बंपर जीत से यह साबित भी हो चुका है। अभी तीन नगर निगम और पंचायतों के चुनाव होने बाकी है। भाजपा की कोशिश पंचायत चुनाव में शानदार रिजल्ट देने की है, ताकि उसे शहरों के साथ-साथ गांवों की पार्टी भी कहा जा सके।
भाजपा के रणनीतिकारों का पूरा फोकस ग्रामीण वोट बैंक को साधने पर है। इसलिये 15 से 17 जुलाई तक फरीदाबाद के सूरजकुंड में होने वाले तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में इस बात पर विशेष फोकस रहेगा कि केंद्र व राज्य सरकार की जन कल्याण की नीतियों का गांव-देहात में अधिक से अधिक प्रचार किया जाए। साथ ही विपक्षी दलों कांग्रेस, आप और इनेलो के राजनीतिक हमलों का जवाब देने की रणनीति भी इस तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में बनने वाली है।
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सभी विधायकों, राज्य सरकार के मंत्रियों, भाजपा सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों, पार्टी के जिलाअध्यक्षों और प्रदेश कार्यकारिणी सदस्यों को इस तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में रहने के लिये कहा गया है। पार्टी में चिंतन, मंथन और जनसंपर्क पर पूरा फोकस है। इस कड़ी में प्रशिक्षण शिविर में कार्यकर्ता जो भी दिशा प्राप्त करेंगे, उसे जनता के बीच पहुंचाने का काम किया जाएगा। - सुदेश कटारिया प्रवक्ता भाजपा
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