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शिरोमणि अकाली दल ने बीर दविंदर सिंह और सेवा सिंह सेखवां के इस्तीफे रद्द करके पार्टी से निकाला

Fri, 17 Jul 2020 03:17 PM IST
पंचकुला ब्‍यूरो अमर उजाला, चंडीगढ़
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रणजीत सिंह ब्रह्मपुरा - फोटो : फाइल फोटो
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शिरोमणि अकाली दल टकसाली की कोर कमेटी की वीरवार को चंडीगढ़ में हुई बैठक में 8 प्रस्ताव पारित किए गए। यह बैठक पार्टी अध्यक्ष जत्थेदार रणजीत सिंह ब्रह्मपुरा की अध्यक्षता में हुई। बैठक की कार्यवाही की जानकारी देते हुए पार्टी के मुख्य प्रवक्ता और महासचिव करनैल सिंह पीर मोहम्मद ने बताया कि कोर कमेटी ने शिरोमणि अकाली दल टकसाली के वरिष्ठ उपाध्यक्ष बीर दविंदर सिंह और महासचिव सेवा सिंह सेखवा के इस्तीफे नामंजूर करते हुए, उन्हें पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए पार्टी से निष्कासित करने का फैसला लिया।
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इसके अलावा कोर कमेटी का पुनर्गठन करते हुए आठ सदस्यीय कमेटी में करनैल सिंह पीर मोहम्मद, जत्थेदार गुरप्रताप सिंह रियाड़, जत्थेदार महिंदर सिंह हुसैनपुर और जत्थेदार मक्खन सिंह नंगल को शामिल किया गया है। इसके साथ ही, पार्टी का विधान बनाने के लिए करनैल सिंह पीर मोहम्मद, जत्थेदार गुरप्रताप सिंह रियाड़ और जत्थेदार मनमोहन सिंह सठियाला आधारित तीन सदस्यीय समिति का भी एलान किया गया जबकि साहिब सिंह वढाली को पार्टी का कोषाध्यक्ष नियुक्त किया है।

अकाल तख्त और कैप्टन सरकार से सुखबीर बादल पर कार्रवाई की अपील
जत्थेदार ब्रह्मपुरा की अध्यक्षता में हुई कोर कमेटी की बैठक के दौरान सुखबीर सिंह बादल द्वारा वोटों की खातिर डेरा सच्चा प्रमुख गुरमीत राम रहीम के साथ मिलकर धार्मिक मुद्दों पर सिखों को आहत करने के कृत्यों की कड़ी निंदा की गई। कोर कमेटी ने कहा कि सुखबीर बादल द्वारा 2007 में गुरु गोबिंद सिंह जी की पोशाक राम रहीम को भेंट करना, 2015 में राम रहीम को चोर दरवाजे से श्री अकाल तख्त साहिब से माफी दिलवाना, पंजाब पुलिस की एसआईटी की तरफ से राम रहीम पर गुरु साहिब के स्वरूप चोरी करने का आरोप दर्ज करना और अब कुछ दिन पहले डेरा पैरोकारों द्वारा शिअद को वोट डालने की बात कबूल करना, इस बात को साफ करता है कि सुखबीर सिंह बादल इन गुनाहों में बराबर के भागीदार हैं। कोर कमेटी की तरफ से जत्थेदार श्री अकाल तख्त साहिब और कैप्टन सरकार से इस मामले में सुखबीर बादल के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की अपील की गई।
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कारोबारियों व मध्यम वर्ग को वित्तीय मदद दे सरकार

एक अन्य प्रस्ताव में कोरोना महामारी के कारण पंजाब के उद्योगों, दुकानदारों, कारोबारियों, मजदूरों और गरीबों व मध्यम वर्ग के लोगों पर मंडरा रहे वित्तीय संकट के प्रति सरकार द्वारा कोई भी प्रभावशाली कदम न उठाने पर गहरी चिंता प्रकट करते हुए केंद्र और राज्य सरकार को इस संबंध में जल्द सहायता मुहैया कराने की अपील की गई।

केंद्र सरकार के तीन अध्यादेश किसान विरोधी
मोदी सरकार द्वारा पारित किए गए तीन अध्यादेशों को किसान विरोधी करार देते हुए कहा गया कि ऐसा करके केंद्र सरकार ने प्राइवेट कारपोरेट घरानों को किसानों की मनमाने ढंग से लूट खसोट करने की छूट दे दी है। कोर कमेटी ने कहा कि केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल और लोकसभा सदस्य सुखबीर सिंह बादल ने इस एक्ट की हिमायत करके किसानों की पीठ में छूरा घोंपा है।

इस एक्ट को खत्म करते हुए स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को अक्षरक्ष लागू करने की मांग कोर कमेटी द्वारा पारित प्रस्ताव में की गई। इसके साथ ही कमेटी ने पेट्रोल व डीजल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी पर भी चिंता व्यक्त की गई। साथ ही केंद्र से अपील की गई कि कार्यकाल पूरा कर चुकी एसजीपीसी के चुनाव तुरंत करवाए जाएं।

पार्टी के लिए दिया फंड
बैठक के दौरान पार्टी फंड के तौर पर जत्थेदार ब्रह्मपुरा ने 3 लाख रुपये, हरसुखमिंदर सिंह बब्बी बादल ने 51000 रुपये, करनैल सिंह पीर मोहम्मद ने 21000 रुपये, जगजीत सिंह चोहला ने 21000 और जत्थेदार हुसैनपुर ने 31000 रुपये देने का एलान किया।
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