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Punjab: बठिंडा जेल को कम्युनिकेशन डेड बनाएगी पंजाब सरकार, केंद्र की अनुमति के बाद शुरू होगा काम

Wed, 16 Nov 2022 10:39 PM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

बठिंडा की सेंट्रल जेल में दिल्ली की एक फर्म द्वारा 4 जी जैमर पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में लगाया गया है। इसके कार्य का आंकलन करने के बाद आगे निर्णय लिया जाएगा। साथ ही बठिंडा जेल को कम्युनिकेशन डेड जोन बनाने की दिशा में भी सरकार विचार कर रही है।
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
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विस्तार
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जेल में जैमरों को लेकर याचिका पर सुनवाई के दौरान पंजाब सरकार ने बताया कि बठिंडा की जेल में हार्डकोर क्रिमिनल कैद हैं और ऐसे में इस जेल को कम्युनिकेशन डेड जोन घोषित करने की दिशा में काम किया जा रहा है। भारत सरकार के टेलीकम्यूनिकेशन विभाग की मंजूरी के बाद इस दिशा में आगे बढ़ा जा सकेगा। पंजाब की जेलों में जैमर को लेकर बुधवार को सुनवाई आरंभ हुई तो पंजाब सरकार से हाईकोर्ट ने जैमरों को लेकर जवाब मांगा। 

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कोर्ट को बताया गया कि जैमर लगाने के लिए वित्त विभाग को बजट की मंजूरी के लिए लिखा गया है। कोर्ट को बताया गया कि कैबिनेट सचिवालय के निर्देशों के अनुसार वर्तमान में सार्वजनिक क्षेत्र के दो उपक्रम ईसीआईएल और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) जैमर की खरीद के लिए मंजूरशुदा स्रोत हैं। पंजाब सरकार ने बीएसएनएल को सूची से बाहर कर दिया है क्योंकि वह कैबिनेट सचिवालय से मंजूरशुदा नहीं है। पंजाब सरकार ने बताया कि वित्त विभाग की मंजूरी मिलने के बाद आर्डर जारी करने पर भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड नौ महीने व ईसीआईएल छह महीने के भीतर जैमर सप्लाई कर देगी। इसके साथ ही सभी जेलों को अपग्रेड जैमर से लैस करने के लिए टेक्निकल इवेल्युएशन कमेटी का गठन किया गया है। इस कमेटी में विशेषज्ञों को रखा गया है और इसकी नियमित रूप से बैठक होगी।

बठिंडा की सेंट्रल जेल में दिल्ली की एक फर्म द्वारा 4 जी जैमर पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में लगाया गया है। इसके कार्य का आंकलन करने के बाद आगे निर्णय लिया जाएगा। साथ ही बठिंडा जेल को कम्युनिकेशन डेड जोन बनाने की दिशा में भी सरकार विचार कर रही है। हाईकोर्ट को बताया गया कि बठिंडा सेंट्रल जेल जहां की हार्डकोर क्रिमिनल बंद हैं, जेल को कम्युनिकेशन डेड जोन बनाने से किसी भी तरह के अवैध संचार को रोका जा सके। इस बारे में केंद्र सरकार के डिपार्टमेंट और टेलीकॉम्युनिकेशन से मंजूरी ली जाएगी, ऐसा करने के बाद कोई भी मोबाइल ऑपरेटर इस कम्युनिकेशन डेड जोन में मोबाइल सिग्नल नही भेज पाएगा। जेल को कम्युनिकेशन डेड जोन बनाने से काम प्रभावित न हो यह सुनिश्चित करने का काम भी किया जा रहा है।

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