अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब के कृषि और किसान कल्याण मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने रविवार को बताया कि राज्य में फसल विविधता अभियान को बड़ा समर्थन मिला है, क्योंकि पंजाब में इस खरीफ सीजन के दौरान बासमती की फसल के रकबे में 12.58 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है। इस साल बासमती की फसल 6.71 लाख हेक्टेयर में की गई है, जोकि खरीफ सत्र 2022 -23 के दौरान 5.96 लाख हेक्टेयर थी।
खुड्डियां ने बताया कि अमृतसर जिला 1.46 लाख हेक्टेयर रकबे के साथ राज्य भर में सबसे आगे है। अमृतसर के बाद मुक्तसर जिले में 1.10 लाख, फाजिल्का में 84.9 हजार, तरनतारन में 72.5 हजार और संगरूर जिले में 49.8 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में बासमती उगाई गई है। पिछले साल की तुलना में इस बार धान की सीधी बुवाई (डीएसआर) के रकबे में भी 46.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। पानी की बचत के लिए इस साल राज्य भर में 2.52 लाख एकड़ में धान की सीधी बुवाई की गई है, जो 2023 के खरीफ सीजन के दौरान 1.72 लाख एकड़ थी।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने बासमती पर 10 कीटनाशकों के प्रयोग पर प्रतिबंध लगाया है, ताकि पंजाब की बासमती की गुणवत्ता को विश्वस्तरीय बनाया जा सके और इसके निर्यात को बढ़ाकर किसानों की आमदनी बढ़ाई जा सके।