कालका। काली माता मंदिर में वाहन पूजा पर लगाए गए शुल्क वाला फैसला माता मनसा देवी श्राइन बोर्ड की ओर से वापस ले लिया गया है। सबसे पहले अमर उजाला ने इस मुद्दे को उठाया था। इसके बाद अब प्रशासन ने वाहन पूजा व चोला बुकिंग पर लगाए शुल्क हटा दिए हैं। स्थानीय लोगों ने उनकी आवाज बुलंद करने पर अमर उजाला का आभार जताया है।
बता दें कि माता मनसा देवी श्राइन बोर्ड ने काली माता मंदिर में वाहन पूजा सहित चोला बुकिंग पर शुल्क लगा दिए थे। इसके साथ ही हवन व जागरण की रेटों में भी बढ़ोतरी कर दी गई थी। इसकी स्थानीय लोगों ने निंदा की थी। वहीं नए शुल्कों को लेकर विश्व हिन्दू परिषद, बजरंग दल सहित कांग्रेस, जजपा व स्थानीय लोगों ने जमकर विरोध प्रकट किया था और फैसला वापस न लेने पर आंदोलन की चेतावनी भी दी थी। विश्व हिन्दू परिषद व बजरंग दल ने तो बोर्ड को शुल्क हटाने को लेकर हस्ताक्षर अभियान भी चलाया था और चेताया था की अगर शुल्क वापस नहीं लिए तो पहले नवरात्र से मंदिर के बाहर भूख हड़ताल करेंगे
पहले यह रेट किए थे तय
बोर्ड की ओर से काली माता मंदिर में 22 अक्तूबर से दोपहिया वाहन की पूजा के लिए 500 रुपये व चौपहिया वाहन की पूजा के लिए 1100 रुपये, चोला बुकिंग के लिए 500 रुपये, मंदिर में जागरण के लिए पहले जहां 5,100 रुपये लगते थे उसे बढ़ाकर 11,000 रुपये, हवन जो पहले 500 रुपये में होता था उसके 1,100 रुपये कर दिए गए थे। इस फैसले की खूब निंदा हुई।
अब यह रहेंगे रेट
काली माता मंदिर सचिव पृथ्वी ने बताया कि वीरवार को बोर्ड की बैठक मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में की गई। इसमें काली माता मंदिर में वाहन पूजा व चोला बुकिंग पर से शुल्क हटा दिए गए हैं। अब हवन के 1,100 ही रहेंगे व जागरण के लिए अब 11,000 कि जगह 71,00 रुपये अदा करने होंगे।
भूख हड़ताल हुई स्थगित
फैसले की जानकारी मिलने के बाद विश्व हिन्दू परिषद जिला उपाध्यक्ष नरेश धीमान, बजरंग दल संयोजक संजय लोहट, विशाल शर्मा, एडवोकेट शुभम शर्मा, गितेश शर्मा ने बताया कि फिलहाल भूख हड़ताल को स्थगित कर दिया गया है। हवन व जागरण के रेटों को लेकर अगली रणनीति जल्द बनाई जाएगी।