चंडीगढ़। मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की तरफ से राज्य के हर वर्ग के विकास के लिए काम किया जा रहा है। इसके तहत दृष्टिहीन दिव्यांगजनों के अटेंडेंट्स को सरकारी बसों में किराए संबंधी छूट और दिव्यांगजनों के लिए सरकारी नौकरियों की परीक्षाओं संबंधी फीस छूट जल्द लागू की जाएगी। यह घोषणा सामाजिक सुरक्षा और महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने मंगलवार को सेक्टर-67 स्थित संस्था नाइपर में सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास विभाग की तरफ से अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस को लेकर करवाए राज्यस्तरीय समागम के दौरान की। कैबिनेट मंत्री ने सामाजिक सुरक्षा, महिला और बाल विकास विभाग में नवनियुक्त 9 सुपरवाइजर और 9 क्लर्कों और सामाजिक न्याय, अधिकारिता और अल्पसंख्यक विभाग में 14 स्टेनों को नियुक्ति पत्र भी सौंपे। इसके साथ ही उन्होंने पंजाब अनुसूचित जातियों, भूमि और वित्त निगम की तरफ से अनुसूचित जातियों के 82 लाभार्थियों को 1.66 करोड़ रुपये के कर्जे और बैकफिंको की तरफ से पिछड़ी श्रेणियों के 17 लाभार्थियों को 32.45 लाख रुपये के कर्जे भी बांटे।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि पुरातन समय में औरतों के साथ बहुत बुरा सलूक किया जाता था और उसके दृश्य आज भी दिखाई देते हैं। अपने आप को प्राथमिकता न देने के कारण आज भी शरीर में खून की कमी के जो केस आते हैं, उनमें औरतों की संख्या अधिक होती है। औरत सदा सब्र और सहजता के साथ ही संघर्ष करती रही है। इतिहास में माई भागो और रानी लक्ष्मी बाई जैसी औरतों ने अपनी अलग जगह बनाई है, जिनसे मार्गदर्शन लेने की जरूरत है। विभाग का लक्ष्य है कि सरकारी नौकरियों के नियुक्ति पत्रों के स्वरूप महिलाएं मजबूत होंगी और आगे वे समाज को और मजबूत करेंगी।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि आंगनवाड़ी वर्करों की मांगों को पूरी करने के लिए भी काम किया जा रहा है। महिलाओं के पास सबसे बड़ी ताकत शिक्षा है और आने वाली बच्चियों को शिक्षा से किसी भी हाल में वंचित नहीं रखा जाना चाहिए। उन्होंने लोगों से अपील की कि माता-पिता अपनी बच्चियों को अधिक से अधिक पढ़ाएं। एससी और बीसी कार्पोरेशन द्वारा जरूरतमंद व्यक्तियों को कर्जे देकर अनुसूचित जातियों और पिछड़ी श्रेणियों के आर्थिक सशक्तीकरण को प्रोत्साहित किया जाता है।
पंजाब सरकार द्वारा यह कर्जे बहुत ही कम ब्याज दरों पर उपलब्ध करवाए जाते हैं। इन कर्जो का उद्देश्य हाशियाग्रस्त भाईचारों के व्यक्तियों को शक्ति प्रदान करना है। उनको अपने कारोबार स्थापित करने के योग्य बनाना है, जिससे उनका जीवन स्तर ऊंचा उठाया जा सके।
समागम के दौरान गर्भवती महिलाओं की गोद-भराई की रस्म अदा की गई। इसके साथ ही 40 नवजात बच्चियों और उनकी माताओं का सम्मान भी किया गया। इसके अलावा समाज में बेहतरीन कारगुजारी वाली महिलाओं का भी सम्मान किया गया। इनमें योगिता वर्मा, डॉ. नवप्रीत कौर, सिमरप्रीत कौर, हरिन्दर कौर, दीप्ति और रमजोत कौर शामिल थीं। इस मौके पर ज्योति स्रूप कन्या आसरा ट्रस्ट की बच्चियों की तरफ से गिद्दे की पेशकारी की गई, जिसकी दर्शकों की तरफ से सराहना की गई।
इस मौके पर अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (शहरी विकास) दमनजीत सिंह मान, संयुक्त सचिव महिला और बाल विकास विभाग आनन्द सागर शर्मा, डिप्टी डायरैक्टर सुखदीप सिंह और रुपिन्दर कौर, जि़ला प्रोग्राम अफ़सर गगनदीप सिंह समेत अन्य अधिकारी उपस्थित थे।