कार्यक्रम में उत्तराखंड, हरियाणा, मणिपुर, असम, मिजोरम आदि के कलाकारों ने खूब जमाया रंग
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माई सिटी रिपोर्टर पंचकूला। अखिल भारतीय कलाक्षेत्र के संगठन संस्कार भारती की पंचकूला इकाई की ओर से उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, पटियाला के सहयोग से राजकीय स्नातकोत्तर महिला महाविद्यालय सेक्टर-14 के ऑडिटोरियम में लोकनृत्य उत्सव का आयोजन किया गया। इसमें शहरवासियों को विभिन्न राज्यों की नृत्य कला, लोक गीत, लोक वाद्यों से रूबरू होने का अवसर प्राप्त हुआ।
कार्यक्रम का शुभारंभ संस्कार भारती के ध्येय गीत गायन से किया गया। स्थानीय नृत्य दल की ओर से प्रस्तुत गणेश वंदना ने सभी का मन मोह लिया। इसके बाद विभिन्न राज्यों के कलाकारों ने उत्तराखंड से घसियारी, हरियाणा से फाग लोकनृत्य, मणिपुर से थांगटा, असम से बिहू, मिजोरम से चैरो, मणिपुर से लाई हरोबा लोकनृत्य प्रस्तुत किए। लोकनृत्य देखने के बाद तालियों की गड़गड़ाहट से ऑडिटोरियम गूंज उठा।
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इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में हरियाणा बाल कल्याण परिषद मानद महासचिव रंजीता मेहता ने शिरकत की। उन्होंने कहा कि भारत की कलाओं में जीवंतता है। ये सबको साथ जोड़ लेती हैं। लोककला तो हमारी मिट्टी की खुशबू है, हमारे कला-इतिहास की वो थाती है, जो पीढ़ी दर पीढ़ी समाज को संस्कारित और शिक्षित करती आ रही है।
मौके पर संस्कार भारती के उत्तर क्षेत्र प्रमुख नवीन शर्मा, पंचकूला इकाई के अध्यक्ष नवीन शर्मा, पंचकूला इकाई के अध्यक्ष सुरेश गोयल, मंत्री सतीश अवस्थी व उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र पटियाला के निदेशक फुरकान खान, प्रतिष्ठित कला साधक पंजाब की लोक गायिका और संस्कार भारती पंजाब प्रांत की अध्यक्षा सुखमिंदर कौर बराड़, शास्त्रीय गायक पंडित अरविंद शर्मा, पंचकूला इकाई के संरक्षक कैलाश मित्तल, कुसुम गुप्ता व तेजपाल गुप्ता आदि उपस्थित थे।