चंडीगढ़। रेलवे स्टेशन पर बुधवार को यात्री सुविधा समिति (पीएसी) की पांच सदस्यीय टीम ने निरीक्षण किया। इसमें तेजिंदर सिंह, रीचा पांडे, हरविंदर कोहली, सुनीता दयाल, गीता ठाकुर शामिल थे। शुरुआत स्टेशन के पूछताछ कार्यालय से हुई। यहां बनाए गए टिकट बुकिंग काउंटर पर पूछताछ का डिस्प्ले बोर्ड नहीं लगा था। इस पर कमेटी के सदस्यों ने सवाल उठाया, लेकिन इसका जवाब न तो रेलवे के अंबाला मंडल और न ही आईआरएसडीसी के अधिकारियों के पास था। कमेटी के सदस्यों ने सलाह दिया कि यहां हिंदी, पंजाबी व अंग्रेजी में लिखा होना चाहिए कि यह काउंटर किस लिए बनाया गया है।
उसके बाद प्लेटफार्म नंबर एक स्थित स्टाल पर रेट लिस्ट को लेकर भी सवाल किए। इस दौरान कमेटी के सदस्य तेजिंदर सिंह और सुनीता दयाल ने कहा कि चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन वर्ल्ड क्लास स्टेशन बनाया जाना है। उसके बाद भी यहां स्टालों पर रेल लिस्ट नहीं लगा है। यह छोटी-छोटी चीजें है, जो यात्रियों के सीधे पॉकेट से जुड़ी हैं। इसका ध्यान रखना चाहिए। इतने में कमेटी की तीसरी सदस्य की नजर प्लेटफार्म नंबर एक पर लगे वाटर वैंडिंग मशीन पर गई। जो काफी दिनों से बंद पड़ी है।
इस पर कमेटी सदस्य ने पूछा कि वाटर वेंडिंग मशीन क्यों बंद पड़ी है, जवाब में आईआरएसडीसी के डिप्टी जीएम ने कहा कि अभी कुछ कांट्रेक्ट इश्यू चल रहा है, जल्द ही इस पर कुछ फैसला लिया जाएगा। इसके बाद एक के बाद एक स्टेशन परिसर में मिली कमियों को कमेटी के सदस्य रजिस्टर में लिखते गए। इन खामियों की यात्री सुविधा समिति (पीएसी) के सदस्य एक रिपोर्ट तैयार करेंगे और इसकी रिपोर्ट रेल मंत्रालय को भेजेंगे, ताकि स्टेशन पर यात्रियों को मिलने वाली सुविधाओं को और ज्यादा बेहतर किया जा सके।
अपर क्लास प्रतीक्षालय में एसी नहीं
जैसे ही प्लेटफार्म नंबर एक अपर क्लास यात्री प्रतीक्षालय में पीएसी कमेटी के सदस्य पहुंचे, तो वहां काफी उमस था, तुरंत सवाल किया कि यह एरिया तो अपर क्लास के लिए है, फिर भी यहां एसी क्यों नहीं लगा, इसके बाद रेलवे और आईआरएसडीसी के अधिकारी एक दूसरे की मुंह देखने लगे। फिर जवाब दिया कि यहां एसी का प्रावधान नहीं है, यहां के सदस्य ने कहा यहां तो एसी होना चाहिए। उसके बाद यात्री प्रतीक्षालय में बना शिशु देखभाल कक्ष में कमेटी की सदस्य सुनीता दयाल पहुंची, वहां सीट फटा था। इस पर सवाल उठाया पर जवाब किसी के पास नहीं था। इतने में प्रतीक्षालय में लगे वाटर क्रस मशीन पर गई तो कमेटी की सदस्य रीचा पांडे की नजर गई तो उन्होंने पूछ दिया कि मशीन यहां क्यों रखी गई है, इसे प्लेटफार्म पर होना चाहिए।
फर्स्ट क्लास विश्राम गृह पर लगा ताला
रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर वन के फर्स्ट क्लास विश्राम गृह में ताला लगा था। पीएसी सदस्यों ने कहा कि इसे खुलवाई तो आईआरएसडीसी के अधिकारियों ने कहा कि इसका अभी रेनोवेशन किया जाना है। फिर सवाल कर दिया कि विश्राम गृह को कब हैंड ओवर किया है, जवाब मिला कि अभी दस दिन पहले। अब सवाल यह है कि रेलवे 2019 में ही रेलवे ने आईआरएसडीसी को हैंड ओवर कर दिया तो दस दिन की बात यहां कहा से आ गई।
तीनों राज्यों के संस्कृति को प्रमोट करने की दी सलाह
प्लेटफार्म नंबर एक के प्रतीक्षालय में लगी शिमला की एक तस्वीर पर कमेटी के सदस्यों ने कहा कि यहां सिर्फ शिमला की तस्वीर क्यों लगी है। चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर्यटन स्थलों के लिहाज से प्रमुख रेलवे स्टेशनों में शुमार है। यहां पंजाब, हरियाणा, हिमाचल की संस्कृति को एक साथ प्रमोट करना चाहिए। न कि सिर्फ जगह की तस्वीर लगाई जाए। वहीं पार्सल एरिया की गंदगी को देखकर कमेटी के सदस्य भड़के गए। कहा कि पार्सल एरिया का ये हाल है, यहां टाइलें लगाई जाए।
यहां शताब्दी जैसी ट्रेन रुकती है, यहां के पंखे कहां गायब हैं.......
चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर रोजाना शताब्दी जैसे ट्रेन रुकती है, यहां हजारों यात्री रोजाना आते जाते हैं, लेकिन यहां से कहीं बेंच गायब हैं तो जहां बेंच लगे हैं, वहां से पंखा गायब है। वहीं पीएसी के सदस्यों ने कबूतरों द्वारा प्लेटफार्म और स्टेशन परिसर की छत को गंदा करने पर भी सवाल उठाए। टीम ने कहा कि यहां जाली हटवाकर फाल्स सीलिंग लगवाएं। ताकि यहां की स्वच्छता बरकरार रहे।