माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। हरियाणा सरकार ने फार्मेसी ऑफिसरों के प्रति जो उपेक्षापूर्ण रवैया अख्तियार किया हुआ है, उससे फार्मेसी ऑफिसर वर्ग में भारी रोष व्याप्त है। अगर जल्द सरकार ने उनके हित में फैसले नहीं लिए तो स्वास्थ्य विभाग के सबसे मेहनती वर्ग को संघर्ष के रास्ते पर चलने को मजबूर होना पड़ेगा। यह मांग सोमवार को एसोसिएशन गवर्नमेंट फार्मासिस्ट हरियाणा के राज्य प्रधान विनोद दलाल ने पंचकूला में राज्य कार्यकारिणी की महत्वपूर्ण बैठक को संबोधित करते कही। बैठक में एकमत से रोष व्याप्त जताकर 4600 ग्रेड पे 1 जनवरी 2016 से देने, मरीज देखभाल भत्ता देने, पदोन्नति चैनल बनाने, रिस्क अलाउंस देने आदि मांगो को पूरा करने की मांग की है।
फार्मासिस्ट के पद 1970 के नियमों के तहत सृजित हैं। उसके बाद कोई बदलाव नहीं किया है। इसके बाद जनसंख्या में कई गुना बढ़ोतरी हो चुकी है। इस कारण यह वर्ग अत्यधिक वर्कलोड का शिकार हो रहा है। दुर्भाग्य का आलम यह है कि 35 वर्षों की सेवा के बाद भी एक फार्मेसी ऑफिसर पदोन्नति के बिना सेवानिवृत हो जाता है। बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया कि अगर सरकार जल्दी मांग नहीं मानती है तो जनवरी के पहले सप्ताह में राज्य के सभी फार्मेसी ऑफिसर की बैठक बुलाकर आगामी संघर्ष की रणनीति का बिगुल बजा दिया जाएगा।
बैठक में राज्य प्रधान के साथ राज्य महासचिव योगेश्वर शर्मा, मुख्य सलाहकार बलबीर श्योराण, राज्य प्रेस सचिव पुनीत गौतम, सह सचिव विनोद धायल, प्रवीण सिंगला, पुनीत गौतम, भारती, बबीता, डिम्पल, ज्योति, मोनिका, हरजिन्दर कौर, सविता, रविंद्र नांदल आदि राज्य कार्यकारिणी के सदस्य मौजूद रहे।