सिंगला ने कहा कि पंजाब ने मेरिट के आधार पर यह दर्जा हासिल किया है। दिल्ली के शिक्षा मंत्री पंजाब में आने वाले चुनाव को ध्यान में रखते हुए राजनीतिक लाभ लेने के लिए झूठ बोल रहे हैं। शिक्षा मंत्री ने आप सरकार को पंजाब आने का न्योता दिया, जिससे वह सरकारी स्कूलों में शिक्षा के स्तर में सुधार करने के लिए कांग्रेस सरकार से सीख ले सकें।
सिसोदिया के बयान पर कैप्टन ने किया पलटवार
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा है कि साल 2022 विधानसभा चुनाव में अपनी प्रत्यक्ष हार को पहले से भांपते हुए आम आदमी पार्टी अनावश्यक हल्ला मचाया रही है। कैप्टन ने सिसोदिया की राजनीतिक टिप्पणियों को ‘अंगूर खट्टे हैं’ वाली कहावत से जोड़ते हुए कहा कि दिल्ली ने इस सूची में बड़ी मुश्किल से छठी रैंक हासिल की है।
यह स्पष्ट है कि अरविंद केजरीवाल की पार्टी हर चीज को राजनीतिक नजरिए से देखती आई है। मनीष सिसोदिया द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके (कैप्टन) के बीच छिपे समझौते के आरोप पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आप लीडरशिप चुनावी राजनीति में इतनी घबराई हुई है कि इसे स्कूल शिक्षा जैसे बुनियादी मामलों में भी चुनावी साजिश दिखाई देने लगी है।
असली तथ्य यह है कि आम आदमी पार्टी साल 2017 विधानसभा चुनाव में बुरी कारगुजारी दिखाने से लेकर पिछले चार साल में पंजाब के राजनीतिक क्षेत्र में कोई भी प्रभाव छोड़ने में नाकाम रही है। उसे साल 2022 के चुनाव में अपना हश्र दिखाई दे रहा है।
कैप्टन का सिसोदिया को पंजाब आने का न्यौता
कैप्टन ने सिसोदिया को पंजाब आने का न्यौता देते हुए कहा कि आप पंजाब आओ, मैं आपको हमारे स्कूलों की कारगुजारी दिखाऊंगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने प्राथमिकता के आधार पर स्कूलों की कायाकल्प का जिम्मा उठाया था और केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा हाल ही में साल 2019-20 की जारी परफारमेंस ग्रेडिंग इंडेक्स (पीजीआई) के नतीजों से हमारे प्रयासों की सफलता की झलक साफ नजर आती है।
सिसोदिया द्वारा मोदी और उनके (कैप्टन) बीच ‘जुगलबंदी’ के आरोपों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, ‘अगर आप सचमुच ही दिल्ली की शिक्षा प्रणाली में सुधार लाने के लिए इच्छुक हैं तो आपको मेरे साथ जुगलबंदी करनी चाहिए और मैं आपको सिखाऊंगा कि स्कूलों की स्थिति को कैसे बेहतर बनाया जा सकता है।’ कैप्टन ने कहा कि जब उन्होंने मुख्यमंत्री के तौर पर सत्ता संभाली थी तो उस समय पर परफारमेंस ग्रेडिंग इंडेक्स में पंजाब की रैंकिंग 22वें स्थान पर थी।