अधिवक्ता ने शिकायत पत्र भेजकर सेवा मानकों के उल्लंघन का मुद्दा उठाया, स्थानीय पास व्यवस्था पर भी जताई नाराजगी
टोल प्लाजा पर 15 से 30 मिनट तक इंतजार कराने का आरोप
तीन मिनट से अधिक प्रतीक्षा पर भी वाहनों को नि:शुल्क नहीं छोड़े जाने की शिकायत
टोल कर्मियों पर अभद्र व्यवहार और शिकायत रसीद न देने का आरोप
स्थानीय पास की अवधि घटाने और प्रक्रिया जटिल बनाने पर उठाए सवाल
संवाद न्यूज एजेंसी
चंडीमंदिर। चंडीमंदिर टोल प्लाजा पर यात्रियों को लंबा इंतजार कराने और सेवा मानकों के कथित उल्लंघन का मामला सामने आया है। अधिवक्ता अमित कुमार गोयल ने एनएचएआई के परियोजना निदेशक और मुख्यालय के अधिकारियों को शिकायत भेजकर टोल प्लाजा की कार्यप्रणाली की जांच कराने तथा जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में टोल पर लंबी कतारें, फास्टैग संबंधी दिक्कतें, यातायात प्रबंधन में कमी और स्थानीय पास धारकों को हो रही परेशानियों का मुद्दा उठाया गया है।
शिकायतकर्ता के अनुसार 13 जून को सुबह करीब 11:40 बजे टोल प्लाजा पर वाहनों की लंबी कतार लगी हुई थी और यात्रियों को 15 से 30 मिनट तक इंतजार करना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि एनएचएआई के निर्धारित मानकों के अनुसार तीन मिनट से अधिक प्रतीक्षा होने पर वाहनों को बिना शुल्क गुजरने दिया जाना चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।
शिकायत में कहा गया है कि कई बार वाहनों की कतार 100 मीटर की निर्धारित सीमा से भी आगे निकल जाती है। टोल बूथों की अपर्याप्त संख्या, फास्टैग सिस्टम में तकनीकी दिक्कतें और यातायात प्रबंधन की कमी के कारण यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
अधिवक्ता गोयल ने आरोप लगाया कि नियमों का हवाला देकर टोल कर्मियों से वाहनों को नि:शुल्क निकालने का अनुरोध करने पर उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि शिकायत की औपचारिक रसीद देने से इनकार कर दिया गया।
शिकायत पत्र में स्थानीय पास धारकों की समस्याओं का भी उल्लेख किया गया है। आरोप है कि पहले एक वर्ष के लिए जारी होने वाला स्थानीय पास अब केवल तीन माह के लिए बनाया जा रहा है। साथ ही इसके नवीनीकरण की प्रक्रिया भी जटिल कर दी गई है, जिससे स्थानीय लोगों को बार-बार टोल प्लाजा के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
अधिवक्ता ने एनएचएआई से टोल प्लाजा की तत्काल जांच, सीसीटीवी फुटेज की समीक्षा, सेवा मानकों का पालन सुनिश्चित करने, स्थानीय पास धारकों के लिए अलग लेन शुरू करने और नियमों के उल्लंघन की स्थिति में संबंधित एजेंसी व कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।