चंडीगढ़। हरियाणा राज्य बागवानी फसल कलस्टर आधारित किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) को सदृढ़ करने को विभाग पूरा जोर लगा रहा है। हरियाणा सरकार ने राज्य की महत्वपूर्ण बागवानी फसलों के लिए मूल्य शृंखला अध्ययन करने व एफपीओ के प्रोजेक्टों के लिए मै. अर्न्स्ट एडं यंग एलएलपी को नियुक्त किया है। राज्य में 6 महत्वपूर्ण फसलों यानि किन्नू, टमाटर, आलू, स्ट्रॉबेरी, शिमला मिर्च और अदरक पर मूल्य शृंखला अध्ययन पूरा किया जा चुका है।
कृषि विभाग की एसीएस डॉ. सुमिता मिश्रा की अध्यक्षता में लघु किसान कृषि-व्यापार संघ हरियाणा (सफैक) की जनरल बॉडी की बैठक में यह रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। अध्ययन के दौरान उत्पादन, फसल, कटाई के बाद प्रबंधन और विपणन में कुछ अंतर देखे गए। बागवानी विभाग और सफैक के सहयोग से मै. अर्न्स्ट एडं यंग एलएलपी कंपनी इन अंतरालों को दूर कर रहा है और उत्पाद के गुणवता प्रबंधन और विपणन में एफपीओ को संभाल रहा है। आधुनिक खुदरा विक्रेताओं और प्रसंस्करण उद्योगों के साथ एफपीओ को जोड़ने से एफपीओ के किसानों की आय में बढ़ोतरी हुई है। इस अवसर पर बागवानी विभाग के महानिदेशक डॉ. अर्जुन सिंह सैनी, कृषि विभाग के महानिदेशक हरदीप सिंह, डॉ. रणबीर सिंह, मै. अर्न्स्ट एडं यंग एलएलपी कंपनी से सत्यम शिवम सुंदरम, ई एंड वाई से सलिल जैना आदि मौजूद रहे।
टमाटर : 1739 मीट्रिक टन के लिए बाजार लिंकेज सुविधा, एफपीओ को 48 लाख रुपये का अतिरिक्त लाभ।
किन्नू : 1500 मीट्रिक टन उपज की बिक्री में सहायता।
आलू : 200 मीट्रिक टन उपज की बिक्री में सहायता, 40000 मीट्रिक टन के लिए खाद्य प्रसंस्करण और थोक इकरार व्यापार कंपनियों के साथ।