चंडीगढ़। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब मंडी बोर्ड के चीफ इंजीनियर हरप्रीत सिंह बराड़ को रिटायरमेंट के बाद विजिलेंस जांच लंबित रहते भी मंडी बोर्ड का तकनीकी सलाहकार नियुक्त करने को चुनौती देने वाली याचिका पर पंजाब सरकार सहित अन्य को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
लुधियाना निवासी प्रीतम सिंह ने एडवोकेट एचसी अरोड़ा के माध्यम से याचिका दाखिल करते हुए हाईकोर्ट को बताया है कि हरप्रीत सिंह बराड़ मंडी बोर्ड के इंजीनियर इन चीफ के पद से 31 जुलाई को रिटायर हुए थे। उनकी रिटायरमेंट से 4 दिन पहले विजिलेंस ने आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया था। इस प्रकार का मामला दर्ज होने के बावजूद मुख्यमंत्री ने उन्हें मंडी बोर्ड के तकनीकी सलाहकार के पद पर नियुक्त करने का आदेश जारी कर दिया। मंडी बोर्ड में तकनीकी सलाहकार का कोई पद न होने के बावजूद यह नियुक्ति की गई।
हैरत तो यह है कि इस पद की जिम्मेदारियां और नियुक्ति के योग्यता मानक तक तय नहीं किए गए। साथ ही यह भी बताया कि इस नियुक्ति के लिए आवेदन भी नहीं मांगे गए। याची ने इसे पिक एंड चूज की नीति करार देते हुए इसे रद्द करने की मांग की है। हाईकोर्ट ने याचिका पर पंजाब सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांग लिया है।