पंजाब कांग्रेस के प्रधान सुनील जाखड़ ने कहा है कि डेरा सच्चा सौदा के पैरोकारों द्वारा यह स्वीकार करना कि उन्होंने 2017 में शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के पक्ष में वोट डाले थे, से यह साफ हो गया है कि शिअद ने वोटों के लिए डेरा सच्चा सौदा से सौदेबाजी की थी।
मंगलवार को चंडीगढ़ में पत्रकारों से बातचीत करते हुए जाखड़ ने कहा कि अब तक तो इस बारे में लोगों के बीच यह संदेह था लेकिन डेरे ने खुद ही यह बात सार्वजनिक करके आम लोगों के संदेह को सच में बदल दिया है। उन्होंने कहा कि वोटों की खातिर और अकाली दल के कहने पर ही डेरामुखी को माफी दी गई थी।
ऐसा करके अकाली दल के प्रधान सुखबीर सिंह बादल सिख पंथ के गुनाहगार साबित हो गए हैं। जाखड़ ने कहा कि अकाली दल को पंथ से छेका जाना चाहिए। उन्होंने पंथक जत्थेबंदियों से अपील की कि वे शिअद की डेरा सच्चा सौदा के साथ साठगांठ सार्वजनिक होने के बाद अकाली दल को पंथ से छेकने की कार्रवाई करें।
जाखड़ ने आगे कहा कि अब तक कभी भी डेरा सच्चा सौदा ने यह नहीं माना था कि उसने किसी खास पार्टी के हक में वोट दिए हैं, लेकिन उनकी तरफ से अब पहली बार यह सार्वजनिक तौर पर मान लेने के बाद अकाली दल और डेरे की साठगांठ साफ हो गई है।
जाखड़ ने कहा कि 2017 के चुनाव से पहले बेअदबी की दुखद घटनाएं, बहबल कलां गोलीकांड, डेरामुखी के लिए माफीनामा और डेरा मुखी की फिल्म को पंजाब में चलाने की इजाजत देने की घटनाओं की कड़ियां अब अपने आप सारा सच बयान कर रही हैं।
जाखड़ ने कहा कि 2015 के बाद घटित उक्त घटनाओं के आपराधिक पक्ष की तो पुलिस जांच कर रही है और कानून अपना काम करेगा। जाखड़ ने सभी पंथक जत्थेबंदियों से अपील की कि ताजा घटनाक्रम के बाद वे शिअद को श्री अकाल तख्त साहिब की हिदायत के बावजूद पंथ विरोधियों के साथ साठगांठ रखने के लिए पंथ से छेका जाए।