हत्या की साजिश और अवैध हथियार मामला
जिला अदालत ने माना आरोप गंभीर, संगठित अपराध से जुड़ी भूमिका
रायपुररानी थाने में बीएनएस व आर्म्स एक्ट के तहत दर्ज है मामला
माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। हत्या की साजिश और अवैध हथियार मामला में पंचकूला की अतिरिक्त सत्र न्यायालय ने बंबीहा गैंग से जुड़े आरोपी कालका निवासी मोहम्मद इमरान की जमानत याचिका खारिज कर दी। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि आरोपी की भूमिका संगठित अपराध से जुड़ी है और आरोप अत्यंत गंभीर प्रकृति के हैं।
अदालत को बताया गया कि आरोपी के खिलाफ थाना रायपुररानी, पंचकूला में बीएनएस की धाराओं 111(3), 111(4), 3(5) तथा आर्म्स एक्ट की धारा 25(6) के तहत केस दर्ज है। अभियोजन के अनुसार 26 सितंबर 2025 को पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि कुख्यात गैंगस्टर भूप्पी राणा और हरसिमरन उर्फ सिम्मू गैंग के सदस्य बिना नंबर प्लेट की सफेद ए-स्टार कार में हथियारों के साथ किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में हैं।
सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने रायपुररानी क्षेत्र के रामपुर मोड़ पर छापा मारकर अनमोल कुमार, गुरप्रीत उर्फ गोपी और मुनीश कुमार उर्फ काला को गिरफ्तार किया। तलाशी में उनके कब्जे से एक देसी पिस्तौल और कई जिंदा कारतूस बरामद हुए।
जांच में सामने आया कि इस पूरे मामले में मोहम्मद इमरान की भूमिका हथियार उपलब्ध कराने की थी। अभियोजन पक्ष के अनुसार इमरान बंबीहा गैंग का सक्रिय सदस्य है और विदेश से गैंग संचालित कर रहे सरगना हरसिमरन उर्फ सिम्मू के निर्देश पर काम करता है। पुलिस का दावा है कि इमरान ने सह-आरोपी अनमोल को एक पिस्तौल और आठ जिंदा कारतूस दिए थे, जिनका इस्तेमाल रायपुररानी निवासी ठेकेदार राजू गुर्जर की हत्या की साजिश में किया जाना था।
जमानत पर सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने आरोपी को निर्दोष बताते हुए झूठा फंसाने का आरोप लगाया और लंबी न्यायिक हिरासत का हवाला दिया। वहीं अभियोजन पक्ष ने आरोपी के आपराधिक इतिहास, संगठित अपराध में संलिप्तता और मामले की गंभीरता का उल्लेख करते हुए जमानत का कड़ा विरोध किया।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने कहा कि सह-आरोपियों की गिरफ्तारी अभी शेष है। ऐसे में आरोपी को जमानत देना न्यायोचित नहीं होगा। इन आधारों पर अदालत ने हत्या की साजिश और अवैध हथियार मामला में मोहम्मद इमरान की जमानत याचिका खारिज कर दी।