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उपलब्धि: राष्ट्रीय खेल संस्थान की तर्ज पर पंचकूला में बनेगा आठ खेलों का सेंटर ऑफ एक्सीलेंस

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पंचकूला। राष्ट्रीय खेल संस्थान की तर्ज पर पंचकूला में हरियाणा राज्य खेल संस्थान स्थापित किया जाएगा। इसकी घोषणा प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने बजट सत्र के दौरान की। इसमें सात से आठ खेलों का सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित होगा। जहां प्रदेश के खेल के प्रशिक्षकों के साथ दूसरे राज्यों के प्रशिक्षकों को भी नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स की तर्ज पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। जिसकी तैयारी बजट सत्र में घोषणा के बाद खेल विभाग ने शुरू कर दी है। ताकि खेल प्रशिक्षक देश-विदेश में होने वाले विशेष और आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाओं का लाभ उठा सकें।
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इसके अलावा सरकार स्पोर्ट्स कांप्लेक्स में सरकार राष्ट्रीय स्तर का वैज्ञानिक प्रशिक्षण एवं पुनर्वास केंद्र (एसटीआरसीएस) स्थापित करेगी। इन केंद्रों में वैज्ञानिक खेल प्रशिक्षण के अलावा स्पोर्ट्स इंजरी, रिहेबिलिटेशन और स्पोर्ट्स फिजियोथैरेपी जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
बता दें कि सेक्टर-3 ताऊ देवी लाल स्पोर्ट्स हरियाणा के खिलाड़ियों और एथलीटों के लिए बुनियादी आधारभूत संरचना मजबूत हो गया है।
खेल विभाग ने स्पोर्ट्स कांप्लेक्स (टीडीएलएससी) को अंतरराष्ट्रीय स्तर का तैयार कर रहा है। जहां राज्य खेल संस्थान के अलावा पंचकूला में खेलो इंडिया स्टेट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (केआईएससीई) पंचकूला में खोलने की तैयारी चल रही है। इसके लिए स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (साई) ने तीन खेलों एथलेटिक्स, बॉक्सिंग और बैडमिंटन को चुना है। इन तीनों खेलों से जुड़े खिलाड़ियों को रिहायशी खेल नर्सरी की भी सुविधा मिलेगी।
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यहां प्रदेश से चुने करीब 100 महिला और पुरुष वर्ग के खिलाड़ियों को ट्रेनिंग दी जाएगी, ताकि उन्हें ओलंपिक स्तर पर तैयार किया जा सके। केआईएससीई में अपग्रेड होने वाले पंचकूला में केंद्र सरकार हाई परफार्मेंस मैनेजर, स्पोर्ट्स साइंस एक्सपर्ट और कोच की नियुक्ति करेगी। इन सभी सेंटर पर ट्रेनिंग के लिए मॉडर्न इक्यूपमेंट और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
केआईएससीई का मैनेजमेंट राज्य के खेल विभाग की होगी
केआईएससीई का मैनेजमेंट राज्य के खेल विभाग की होगी। साथ ही केंद्र सरकार जिन ओलंपिक खेलों को सपोर्ट कर रही है, उन खेलों के टैलेंट को तलाशने की जिम्मेदारी भी राज्य की ही होगी। कोच, सपोर्ट स्टाफ, खेल एक्यूपमेंट और बुनियादी सुविधाएं खेलो इंडिया स्कीम के तहत दी जाएंगी। वहीं खिलाड़ियों के परफॉरर्मेंस, सुविधाओं और ट्रेनिंग पर नजर रखने के लिए स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (साई) एक स्पेशल टीम तैनात करेगी।
खिलाड़ियों को मिलेगी सुविधा
सेक्टर-3 स्थित ताऊ देवी लाल स्पोर्ट्स कांप्लेक्स में राज्य का पहला खेल-चोट एवं पुनर्वास केंद्र तैयार किया जा रहा है। यह सेंटर खेलो इंडिया गेम्स से तैयार किया जाएगा। इस सेंटर के स्थापित होने से स्पोर्ट्स ग्राउंड में चोटिल होने वाले खिलाड़ियों को राहत मिलेगी। यहां उन्हें प्रदेश भर के खिलाड़ियों के लिए आधुनिक खेल सुविधाएं प्रदान करने के लिए सरकार ने तैयारी की है।
इसके तहत खिलाड़ियों को खेल के दौरान होने वाली इंजरी से निपटने के लिए सुविधाएं दी जाएंगी। इसके तहत यदि किसी खिलाड़ी को चोट लग जाती है, तो उसका उपचार इन पुनर्वास केंद्रों में हो सकेगा। इसके लिए जिला स्तर पर खेल अधिकारी की संस्तुति के बाद संबंधित केंद्र पर जाना होगा। यहां पर उनके रहने, प्रशिक्षण की व्यवस्था तो होगी, साथ ही खिलाड़ी का उपचार भी किया जाएगा। इसके लिए खिलाड़ी का उपचार डाक्टर करेंगे, वहीं फिजियोथैरेपिस्ट भी खिलाड़ी की मदद करेंगे।
हरियाणा राज्य खेल संस्थान के तहत राज्य सरकार की ओर से सात आठ खेलों का सेंटर ऑफ एक्सीलेंस तैयार किया जाएगा। जहां अपने कोचों और बाहर के कोचों को ट्रेनिंग दी जाएगी। जैसा नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स में खेल प्रशिक्षकों को दिया जाता है। - पंकज नैन, निदेशक, खेल और युवा विभाग
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