डेराबस्सी गोलीकांड : दोनों आरोपी मेडिकल के लिए डेराबस्सी के अस्पताल लाए गए
मुठभेड़ के दौरान एक को पैर और दूसरे को हाथ में लगी थी गोली
संवाद न्यूज एजेंसी
डेराबस्सी। मुबारकपुर-रामगढ़ रोड पर गांव दफरपुर की गुरु नानक कॉलोनी में 12 फरवरी को घर के बाहर बैठी 55 वर्षीय सरोज की गोली मारकर हत्या करने वाले दोनों आरोपियों को मुबारकपुर पुलिस रोपड़ जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लेकर आई। तीन दिन के पुलिस रिमांड के बाद दोनों को वापस जेल भेज दिया गया। इससे पहले पुलिस दोनों आरोपियों को मेडिकल के लिए डेराबस्सी के सरकारी अस्पताल लेकर आई थी। दोनों आरोपियों को स्पेशल सेल ने 9 मार्च को मोहाली के पास से गिरफ्तार किया था, इस दौरान दोनों को गोलियां लगी थीं। एक को बाजू में और दूसरे को पैर में गोली लगी थी। दोनों का ऑपरेशन किया गया, जिसमें दोनों के पैर और हाथ में रॉड डाली गई थी। एक आरोपी वॉकर की मदद से चल रहा था।
उन्हें लाने वाले पुलिस अधिकारी ने बताया कि दोनों आरोपी रोपड़ जेल में बंद थे, जिन्हें पूछताछ के लिए तीन दिन के लिए प्रोडक्शन वारंट पर लाया गया था। समय पूरा होने पर उन्हें कोर्ट में पेश कर वापस जेल छोड़ा जाएगा।
इस मामले में मुबारकपुर पुलिस मृतक महिला की बहू के मामा सुभाष निवासी जींद हरियाणा को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।
यह हत्या सुभाष ने दो भाड़े के शूटरों से कराई थी। सरोज का अपनी बहू से झगड़ा रहता था। एक दिन इस मामले को निपटाने के लिए सुभाष उनके घर आया, जिसे सरोज ने अपनी भांजी से नहीं मिलने दिया और सभी के सामने उसे अपमानित किया और उसके कपड़े फाड़ दिए। इसी बात पर आरोपी सुभाष सरोज से रंजिश रखता था और उसकी हत्या की साजिश रची थी। इसके बाद 25 हजार रुपये में भाड़े के दो शूटरों को सरोज की हत्या का जिम्मा सौंपा गया था। उनकी पहचान हिसार के 40 वर्षीय नरेश और 25 वर्षीय अक्षय के रूप में हुई। सरोज को गोली मारकर भाग रहे दोनों आरोपियों की तस्वीर सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, लेकिन दोनों ने अपना चेहरा बांध रखा था। मोबाइल लोकेशन से सुराग मिलने के बाद पुलिस सुभाष तक पहुंच गई।