रायपुररानी। जिला समाज कल्याण व प्रशासन ने एक जिंदा बुजुर्ग को मृतक बताकर उसकी बुढ़ापा सम्मान भत्ता शशि बंद कर दी। अब बुजुर्ग खुद को जिंदा साबित करने के लिए सरकारी दफ्तरों में भटकने को मजबूर है। गांव खेडी के बुजुर्ग रत्न सिंह ने बताया कि सरकार की ओर से दिया जाने वाला बुढ़ापा सम्मान भत्ता उसे दो महीने से नहीं मिल रहा था।
जब वह इस बारे में पता करने के लिए सीएससी सेंटर गया तो वहां कर्मचारियों ने उसे रिकॉर्ड में मृत बताया। बुजुर्ग ने बताया कि खुद को जीवित साबित करने के लिए उसने दस्तावेज पूरे कर पंचकूला व रायपुररानी ऑफिस में कई चक्कर लगाए लेकिन आज तक सम्मान भत्ता राशि नहीं मिली। उन्होंने बताया कि सम्मान राशि न मिलने के कारण उन्हें अपमानित व मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है लेकिन विभाग की ओर से कोई समाधान नहीं निकाला जा रहा है।
विभाग की कार्यप्रणाली पर खडे़ हो रहे सवाल
जानकारी के मुताबिक, विभागीय नियमों में बदलाव कर जनवरी से अब तक के योग्य पात्र बुजुर्गों के सम्मान भत्ते के लिए आवेदन भी नहीं लिए गए और न ही कार्यालय से कोई स्पष्ट जानकारी दी जाती है। इस कारण बुजुर्गों को अपने ही सम्मान के लिए अपमानित होना पड़ रहा है। विभाग द्वारा स्थानीय कार्यालय में भी जानकारी उपलब्ध नहीं करवाई जाती है। विभाग सभी पात्रों की उच्च स्तरीय जांच के दावे करता है लेकिन कुछ महीने पहले क्षेत्र के गांव नटवाल निवासी दो लोगों की मृत्यु प्रमाण के आधार पर विधवा पेंशन जारी की गई। गांव के ही मुखिया ने इस बारे में जानकारी देकर विभाग को सूचित किया।
गलती मृत्यु प्रमाणपत्र जारी करने वाले विभाग की है। हमारे विभाग का इसमें कोई दोष नहीं है। मामला संज्ञान में आने पर जांच शुरू कर दी है। वहीं, सरकार की ओर से बनाई फेमिली आईडी के मुताबिक योग्य पात्रों का डाटा चंडीगढ़ कार्यालय से आने के बाद सर्वे कर नई पेंशन लागू की जाएगी। - विशाल सैनी, जिला समाज कल्याण अधिकारी पंचकूला
स्वास्थ्य विभाग के नियमों के अनुसार किसी भी व्यक्ति की मृत्यु होने पर उसके परिजनों की ओर से आंगनबाड़ी वर्कर या विभाग के ही अन्य विंग के कर्मचारी को सूचित किया जाता है। इसके बाद 21 दिन के अंदर मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किया जाता है। गांव खेडी का जन्म-मृत्यु लेखा जोखा गांव हंगोला स्थित पीएचसी सेंटर के अंडर आता है। रत्न सिंह का मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किए जाने की सूचना मिलने पर जांच शुरू कर दी गई है। लापरवाही करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. संजीव गोयल, एसएमओ, रायपुररानी