पंचकूला। सेक्टर-14 स्थित राजकीय कन्या महाविद्यालय में शनिवार को मानव संसाधन विकास मंत्रालय और उच्चतर शिक्षा विभाग की ओर से एक दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य देश की उच्चतर शिक्षा प्रदान करने वाली संस्थाओं की पहचान और उनसे संबंधी हर आंकड़े को इकट्ठा करने पर विचार-विमर्श करना। मंथन के दौरान यह तय किया गया कि शिक्षण संस्थाओं को तीन हिस्सों में बांटा जाए, जिसमें विश्वविद्यालय, महाविद्यालय और विश्वविद्यालय की संस्थाओं को शामिल किया जाए। चाहे वह मान्यता प्राप्त हो या नहीं।
इस मौके पर वित्तायुक्त एसएस प्रसाद ने कहा कि उच्चतर शिक्षा शिक्षित समाज की संरचना के लिए अति महत्वपूर्ण औजार है। इससे भारत अपने आपको 21वीं सदी के लिए स्थापित कर पाएगा। बदलते परिवेश और वैश्वीकरण के कारण शिक्षा का उद्देश्य भी बदल रहा है। ऐसे में इस तरह के सर्वे कर डाटा तैयार करना जरूरी है। कार्यशाला में यूजीसी और भारत वर्ष के उच्च शिक्षण संस्थाओं से आए 100 प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस मौके पर उच्चतर शिक्षा विभाग के महानिदेशक बीएस मलिक, महावीर सिंह व अरुण जोशी भी मौजूद रहे।