जिंदगी के रंग, चखव के संग में दिखाया रिश्तों का तानाबाना
-टैगोर थियेटर के मिनी ऑडिटोरियम में प्रस्तुत नाटक में दर्शकों ने खुद को देखा किरदारों में
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। जिंदगी कभी गुलजार है तो कभी निराशा से भरपूर भी है। ऐसे में रिश्तों की डोर कमजोर भी पड़ती और मजबूत भी। मानवीय संवेदनाओं के इसी तानाबाना पर आधारित थीं जिंदगी के रंग, चखव के संग नाटक की कहानी। जहां समाज के कई रंगों को रंगमंच पर कलाकारों ने यूं पिरोया कि सभी दर्शक उनके किरदार में खुद को कहीं न कहीं एक पल के लिए देखने को मजबूर हो गए। नाटक की कहानी मशहूर रूसी नाटककार अंतोन चेखव की पांच लघु कहानी का रूपांतरण थी। इसका मंचन वीरवार को टैगोर थियेटर सेक्टर-18 के मिनी ऑडिटोरियम में किया गया। अलंकार थियेटर ग्रुप की ओर से नाटक प्रस्तुति किया गया। नाटक के निर्देशक शमशेर एवं सहायक निर्देशक अक्षय दीमान थे।
जिंदगी के रंग बया किए कलाकारों ने
मंच पर जब कलाकारों ने प्रस्तुति देनी शुरू कि तो उनकी पांच लघु कहानी मानो जिंदगी के पहलुओं को बया कर रही थीं। समाज में किस तरह मानवीय रिश्ते बदलते हैं, उसको बेहद खूबसूरत अभिनय संग मंच पर कलाकारों ने पेश किया। नाटक की एक कहानी में उन लोगों की जिंदगी को भी बया कि जिनके लिए पैसे और शोहरत जिंदगी को जीने का एकमात्र तरीका है। उनका लाइफ स्टाइल दूसरों के लिए एक लग्जरी की तरह है, वहीं दूसरी कहानी में भावनाएं और संवेदनाएं किस तरह खत्म हो रही हैं, उसे दिखाया गया है। इंसान स्वार्थी होकर सोचने लगा है, वह अपने हित के लिए दूसरों की भावनाओं की भी कदर नहीं करता है। नाटक की सभी पांच लघु कहानी में जिंदगी के संघर्ष को बेहतरीन अभिनय संग कलाकारों ने मंच पर प्रस्तुत किया। दर्शकों ने सभी कहानी को बेहद पसंद किया। इस नाटक के दो शो दिखाए गए।