पंचकूला। प्रदूषण को कम करने के लिए सेक्टर-20 स्थित सनातन धर्म बैकुंठ धाम में 75 लाख रुपये की लागत से गैस शवदाह गृह पांच माह पहले ही बनकर तैयार हो गया है, लेकिन अभी तक उद्घाटन की घड़ी नजदीक नहीं आई है। प्रशासनिक अधिकारियों की अनदेखी का शिकार गैस शवदाह गृह धूल फांक रहा है। सनातन धर्म बैकुंठ धाम के पदाधिकारी शुभारंभ करने के लिए नगर निगम ऑफिस के चक्कर काट रहे हैं।
14 अगस्त 2020 को हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता ने निरीक्षण के दौरान घोषणा की थी कि इसका उद्घाटन जल्द होगा। हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता ने कहा कि गैस आधारित शवदाह गृह का निर्माण कार्य 70 फीसदी पूरा हो चुका है, बाकी का 30 फीसदी कार्य दो सप्ताह में पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि गैस शवदाह गृह के निर्माण का फैसला कोरोना के मद्देनजर लिया गया है। सब कुछ वादे के मुताबिक हुआ, लेकिन प्रबंधन और स्थानीय लोगों को उद्घाटन का इंतजार है। उन्हें वर्तमान में संस्कार करने के लिए लकड़ी का सहारा लेना पड़ता है, जिसके लिए मोटी रकम चुकानी पड़ रही है।
10 शहरों में बनाया गया है गैस शवदाह गृह
पर्यावरण के मद्देनजर प्रदेश के 10 नगर निगमों में गैस शवदाह गृह को स्थापित किया है। इनमें पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, जगाधरी, करनाल, हिसार, रोहतक, फरीदाबाद, पानीपत और बहादुरगढ़ शामिल हैं। नगर परिषदों में भी गैस आधारित शवदाह गृह स्थापित किए जा रहे हैं। यह पंचकूला में पहला गैस शवदाह सिस्टम है। अभी तक कई शहरों में इलेक्ट्रॉनिक शवदाह गृह स्थापित हैं, लेकिन गैस शवदाह सिस्टम अत्याधुनिक सिस्टम से लैस होने के साथ पंचकूला में पहला है।
प्रतिमाह आएगा एक लाख का खर्च
मेयर कुलभूषण गोयल से गैस शवदाह गृह के शुभारंभ को लेकर बात की गई तो उन्होंने कहा कि इसके संचालन और देखरेख पर प्रतिमाह करीब एक लाख रुपये का खर्च आएगा। इसकी मंजूरी के लिए इसे सदन में पारित करवाना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि इसे एजेंडे में शामिल कर लिया गया है। सदन की बैठक में जरूर मंजूरी मिल जाएगी। जैसे ही सदन मोहर लगाएगा सिस्टम को शुरू कर दिया जाएगा।