रॉक गार्डन में विवाह समारोह आयोजनों की अनुमति को हाईकोर्ट में चुनौती
पर्यटकों के लिए कुछ स्थान बंद करने और तेज ध्वनि का संगीत को बनाया आधार
हाईकोर्ट ने यूटी प्रशासन को नोटिस जारी करते हुए मांगा जवाब
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। विश्व भर में धरोहर माने जाने वाले रॉक-गार्डन में विवाह आयोजनों की अनुमति देने के खिलाफ जनहित याचिका दाखिल की गई है। याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने यूटी प्रशासन को नोटिस जारी कर 4 मार्च तक जवाब दाखिल करने के आदेश दिए हैं।
चंडीगढ़ की सेकेंड इनिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष राम कुमार गर्ग द्वारा एडवोकेट एचसी अरोड़ा के माध्यम से दाखिल याचिका पर चीफ जस्टिस कृष्ण मुरारी व जस्टिस अरुण पल्ली की खंडपीठ सुनवाई कर रही है। याचिका में हाईकोर्ट को बताया गया है कि रॉक गार्डन पूरे विश्व में शहर की पहचान है। लेकिन अब चंडीगढ़ प्रशासन इस बेमिसाल पहचान को बर्बाद करने पर आमादा है। रॉक गार्डन में अब शादियों की इजाजत दी जा रही है जिसके चलते इसे यहां आने वाले पर्यटकों के लिए कुछ हिस्सों को बंद कर दिया जाता है। इसके चलते विदेशी और देशी पर्यटक निराश हो वापस चले जाते हैं। चंडीगढ़ प्रशासन ने 9 अक्तूबर को रॉक गार्डन के थर्ड फेज में शादी-समारोहों की इजाजत दे दी है, जबकि पिछले वर्ष ही गृह सचिव ने निर्देश जारी कर थर्ड फेज में शादी-समारोहों पर पाबंदी लगाई थी। दलील दी गई थी कि इन समारोह के कारण काफी गंदगी और कचरा जमा हो जाता है। इसके कारण विदेशी और देशी पर्यटकों को काफी असुविधा होती है। शादी-समारोह की बुकिंग होने पर पूरे दिन थर्ड फेस को बंद कर दिया जाता था। यह एरिया साइलेंस जोन में है और ऐसे में यहां तेज ध्वनि का म्यूजिक भी नहीं बजाना चाहिए। इस तरह के आयोजन से ध्वनि प्रदूषण बढ़ेगा और घोषित की गई साइलेंस जोन का कोई अर्थ ही नहीं रहेगा।