पंजाब पुलिस के डीजीपी दिनकर गुप्ता ने राज्य में कोविड-19 के खिलाफ जंग में अगली कतार में ड्यूटी निभाने वाले पंजाब के 25 पुलिस जवानों का ‘डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस ऑनर फॉर इग्जेम्पलरी सेवा टू सोसायटी ’ के लिए चयन किया है। पुरस्कार पाने वालों में चार एसपी, एक एएसपी, एक डीएसपी, छह इंस्पेक्टर, चार सब इंस्पेक्टर, तीन एएसआई, दो हवलदार और चार सिपाही शामिल हैं।
यह पुरस्कार उन कर्मचारियों को सम्मानित करने के लिए शुरू किया गया है, जिन्होंने अपनी ड्यूटी के अलावा समाज के लिए सराहनीय काम किए हैं। गुप्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की पहलकदमी पर पेश किए इस पुरस्कार के लिए पुलिस कमिश्नर और सभी एसएसपी द्वारा भेजे विभिन्न नामों में से उपरोक्त सभी कर्मचारी चुने गए हैं।
समाज सेवा में जुटे रहे पुलिस के जवान
डीजीपी ने बताया कि मुख्यमंत्री का संकल्प-पंजाब में कोई भी भूखा नहीं सोएगा, को पूरा करने के लिए राज्य में 45,000 से अधिक पुलिस कर्मचारी सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं के साथ मिलकर सेवाएं निभा रहे हैं। एएसपी नकोदर वत्सला गुप्ता ने नकोदर कस्बे के गरीब और वंचित झुग्गी झोपड़ी वालों तक पहुंच बनाने के लिए अग्रणी काम किया जबकि रोपड़ के डीएसपी वरिंदरजीत सिंह ने वॉलंटियरों को लामबंद करके गरीबों और जरूरतमंदों को जरूरी वस्तुओं की सप्लाई को यकीनी बनाया।
रोपड़ के ही एसआई जतिन कपूर ने पंचायतों को अपने गांवों में स्वेच्छा से लॉकडाउन के लिए प्रेरित किया। खरड़ (मोहाली) के एसएचओ भगवंत सिंह ने संदिग्ध कोरोना के मामलों की सक्रियता से जांच की। इसी तरह एसबीएस नगर के एसआई नीरज चैधरी ने एकांतवास में रह रहे कोरोना मरीजों से मिलने का जोखिम लिया जबकि इन मरीजों को विशेषज्ञों और अन्य डॉक्टरों ने सहयोग देने से भी मना कर दिया था।
पठानकोट का एसआई शोहरत मान पठानकोट के लोगों की भलाई के लिए गरीबों और वंचित लोगों को भोजन मुहैया करवाकर सराहनीय काम कर रहा है। डीजीपी ने कहा कि फतेहगढ़ साहिब की एसआई शकुंत चौधरी ने जोखिम भरे नाके के इंचार्ज के तौर पर प्रशंसनीय काम किया है।