पंचकूला। शहर में चप्पे-चप्पे पर लगाए सीसीटीवी कैमरे अब अपराधियों को पकड़ने में मददगार साबित हो रहे हैं। जिला पुलिस ने अब तक एक साल में करीब 200 मामलों को सुलझाया है। इनमें स्नैचिंग, लूट, मर्डर, चोरी, सड़क हादसे जैसे मामले शामिल हैं। जिले में कुल 453 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। वहीं शहरी क्षेत्र में 394 कैमरे, पिंजौर, कालका, रायपुररानी, बरवाला व मौली में 59 कैमरे लगाए गए हैं। यह पुलिस की तीसरी आंख के रूप में काम करते हैं। स्थानीय पुलिस ने 2021 से अब तक करीब 200 स्नैचिंग, चोरी, सड़क हादसे के मामले सुलझाए हैं। ये मामले थानों में दर्ज हैं। इसके अलावा पुलिस ने करीब 350 अन्य मामलों को सीसीटीवी की मदद से सुलझाया है। इनमें हिट एंड रन और लापता लोगों को ट्रेस करने जैसे मामले शामिल हैं।
ट्रैफिक नियमों का पालन नहीं करने वालों के हो रहे चालान
पंचकूला में सीसीटीवी कैमरे नगर निगम की तरफ से लगाए हैं, लेकिन इनका कंट्रोल पुलिस के हाथों में है। इसका कंट्रोल रूम पंचकूला सेक्टर-14 में बनाया गया है। पुलिस ने पूरी कार्रवाई कंट्रोल रूम से शहर के कई जगहों पर लगाए सीसीटीवी कैमरों की मॉनीटरिंग के माध्यम से कर रही है। इस कंट्रोल रूम से पुलिस और साइबर एक्सपर्ट के जवान रोजाना हजारों वाहनों की मॉनीटरिंग करते हैं। ट्रैफिक नियम तोड़ने वाले वाहनों को चिह्नित करके उनका ई चालान किया जा रहा है।
शहर में कई जगह लगे एएनपीआर कैमरे
शहर में अपराधियों पर नजर रखने के लिए कई क्षेत्रों में ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉगनाइजेशन (एएनपीआर) कैमरे भी लगाए गए हैं। एएनपीआर कैमरे में नंबर प्लेट के साथ ही वाहन का पूरा डाटा रिकॉर्ड हो जाता है। इससे उन वाहनों का पता लगाया जा सकता है जो वारदात को अंजाम देकर शहर से बाहर गए हैैं।
कोट्स
सीसीटीवी के द्वारा अपराधियों को पकड़ने में मदद मिलती है। इसके साथ की शहर में ट्रैैफिक नियमों का पालन नहीं करने वालों के चालान भी किए जा रहे हैं। - मोहित हांडा, डीसीपी पंचकूला।