स्मार्ट शहर के स्कूल में छात्र जमीन पर बैठकर परीक्षा देने को मजबूर
सेक्टर-29 स्थित गवर्नमेंट मॉडल हाई स्कूल का मामला
स्कूल का तर्क, नकल न हो इसलिए बैठाया
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। स्मार्ट शहर के ‘मॉडल’ स्कूल की यह तस्वीर किसी को भी हैरान कर सकती है। यह बात गले से नहीं उतरती कि आज भी स्टूडेंट्स को जमीन पर बैठना पड़ता है। ठंड में और वह भी बिना किसी चटाई व दरी के। बुधवार को सेक्टर-29 स्थित गवर्नमेंट मॉडल हाई स्कूल में दसवीं कक्षा के छात्रों की जमीन पर बैठाकर परीक्षा ली जा रही थी। ठंड के बावजूद छात्रों को बिना किसी चटाई व दरी के नीचे बैठाया गया था। ऐसा नहीं है कि इस स्कूल के छात्र पहली बार नीचे बैठे हों, सूत्रों की मानें तो पहले भी कई दफा छात्रों को परीक्षाओं के दिनों में नीचे बैठाया जाता रहा है।
स्कूल के हेडमास्टर राजेश कुमार से सवाल-जवाब
प्रश्न- ठंड में बच्चों को नीचे क्यों बैठाया गया?
उत्तर - परीक्षा लेने के लिए कक्षाएं छोटे हैं। अगर कक्षाओं में बैठाते तो एक बेंच पर दो से तीन छात्रों को बैठाना पड़ता जिससे चिटिंग होने की संभावना रहती है। इस वजह से ग्राउंड में छात्रों को दूर-दूर बैठाया गया था।
प्रश्न - बैठाना ही था, तो दरी क्यों नहीं बिछाई गई?
उत्तर - छात्रों को डेढ़-दो घंटे के लिए ही बैठाया गया था। स्कूल में 1500 से ज्यादा बच्चे हैं। ऐसे में 10वीं के सभी बच्चों को क्लास में बैठाकर परीक्षा लेना थोड़ा मुश्किल था।
प्रश्न- क्या स्कूल में जगह की कमी है?
उत्तर - सीबीएसई ने एक क्लास में 24 छात्र बैठाने के लिए कहा है। अगर हम परीक्षा के दौरान सभी छात्रों को क्लासिज में बैठाते तो अन्य क्लासिज के छात्रों की छुट्टी करनी पड़ती। जगह की कमी नहीं है स्कूल में 34 कमरे हैं, लेकिन परीक्षा के दौरान नकल न हो इसीलिए उन्हें बाहर बैठाया गया।
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कोट्स...
मामला मेरे संज्ञान में आ गया है। अगर वाकई इस तरह की कोई बात है तो इसकी जांच कराई जाएगी।
- बीएल शर्मा, एजुकेशन सेक्रेटरी