बिना पूछे डीटीएच कंपनी ने बढ़ाया रिचार्ज का पैक, उपभोक्ता फोरम ने ठोका जुर्माना
महीने के रिचार्ज का पैक 298 से बढ़ाकर कर दिया था 349 रुपये
अनफेयर ट्रेड प्रैक्टिस के लिए 8 हजार रुपये मुआवजा और दो हजार मुकदमे का खर्च शिकायतकर्ता को देने के आदेश
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। एयरटेल डिजिटल टीवी ने कंज्यूमर से बिना पूछे महीने के रिचार्ज का पैक 298 रुपये से बढ़ाकर 349 रुपये कर दिया। उपभोक्ता फोरम ने कंपनी को दोषी पाया। फोरम ने कंपनी को आदेश दिए कि वह शिकायतकर्ता के मनचाहे रिचार्ज पैक को दोबारा शुरू करे, साथ ही अनफेयर ट्रेड प्रैक्टिस के लिए 8 हजार रुपये मुआवजा और दो हजार रुपये मुकदमे का खर्च शिकायतकर्ता को देने के आदेश दिए। यह आदेश जिला उपभोक्ता विवाद निवारण फोरम-1 चंडीगढ़ ने सुनवाई के बाद दिया है।
सेक्टर-10ए निवासी अंकुर सोनी ने उपभोक्ता फोरम को शिकायत दी थी कि 6 मार्च 2017 को उन्होंने सेक्टर-16डी स्थित गुरु नानक रेडियोज से एक एयरटेल डिजिटल टीवी का कनेक्शन खरीदा। 8 अप्रैल को जब वह अपने द्वारा चुने गए 248 रुपये के पैक का रिचार्ज कराने गए तब उन्हें बताया गया कि उनके कनेक्शन पर 349 रुपये का पैक एक्टिवेट है। इससे वह हैरान हुए क्योंकि उन्होंने 199 रुपये का सुपर-1 एम पैक चुना था, जोकि एक्टिवेशन और किराये के साथ 298 रुपये का हुआ था। शिकायतकर्ता को बताया गया कि 349 रुपये का पैक उन्होंने ही फोन पर एक्टिवेट कराया था जबकि शिकायतकर्ता ने पैक को बढ़ाने के लिए न खुद कभी फोन किया, न ही उन्हें किसी का फोन आया। इसके बाद शिकायतकर्ता ने उपभोक्ता फोरम का रुख किया। फोरम द्वारा नोटिस जारी करने के बाद एयरटेल डीटीएच टीवी ने अपना जवाब दायर कर कहा कि उन्होंने पैक की कीमत को उपभोक्ता के कहने पर बढ़ाया है। हालांकि इसका कंपनी की तरफ से सबूत नहीं पेश किया जा सका। दूसरी तरफ शिकायतकर्ता ने कंपनी के कस्टमर केयर से बातचीत की रिकार्डिंग पेश की गई, जिसमें वह पूछ रहे हैं कि उनका महीने का रिचार्ज पैक 298 से 349 रुपये का कैसे हो गया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद उपभोक्ता फोरम ने एयरटेल डीटीएच कंपनी को दोषी पाया औरआदेश दिए कि शिकायतकर्ता के 298 रुपये के रिचार्ज पैक को दोबारा शुरू करे। साथ ही शिकायतकर्ता के प्रति अनुचित व्यापार व्यवहार के लिए 5 हजार रुपये व मानसिक प्रताड़ना झेलने के लिए 3 हजार रुपये मुआवजा देने के आदेश दिए। वहीं मुकदमे के खर्च के एवज में 2 हजार रुपये और शिकायतकर्ता को देने के आदेश जारी किए।