पंचकूला। जिले को टीबी मुक्त करने के लिए भले ही कदम उठाए जाने की बात कही जा रही हो लेकिन 30 फीसदी मरीज बीच में इलाज छोड़ रहे हैं। इस कारण टीबी मुक्त होने में समय अधिक लग रहा है। पंचकूला जिले में अब तक टीबी के कुल चार हजार मरीज आ चुके हैं। वहीं, वर्ष 2025 में जनवरी से अक्तूबर तक 1630 मरीज सामने आए हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से किए सर्वे में यह बात सामने आई है।
हरियाणा स्टेट टीबी ऑफिसर राजेश राजू ने बताया कि पंचकूला स्वास्थ्य विभाग की ओर से टीबी मुक्त करने के लिए जांच की गई है। इस बार स्वास्थ्य विभाग ने दस हजार लोगों की दिसंबर तक जांच करने का टारगेट रखा है। इसमें जांच के दौरान यह बात सामने आई कि टीबी के लक्षण आने के बाद 1200 लोगों ने इलाज का पूरी तरह से नहीं करवाया है। इलाज के दौरान वह बीच मेंं ही इलाज छोड़ दिया है। इस कारण टीबी पर पूरी तरह से आराम नहीं हो सका है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से सर्वे में यह बात सामने आई है। अब स्वास्थ्य विभाग की ओर से दोबारा मरीजों को इलाज के लिए जागरूक किया जा रहा है।
सैंपलिंग जरूर करवाएं
पंचकूला जिला टीबी अधिकारी डॉ. संदीप छाबड़ा ने कहा कि अगर किसी मरीज की इम्युनिटी कम है या मरीज शुगर, ब्लड प्रेशर या किसी अन्य गंभीर बीमारी से पीड़ित है तो जांच जरूर करवानी चाहिए। इससे लोगों को टीबी मुक्त किया जा सकेगा।
जिला को टीबी मुक्त करने के लिए सैंपलिंग की जा रही है। अगर किसी व्यक्ति में टीबी की बात सामने आती है तो उन्हें तुरंत जांच करवानी चाहिए। तीस फीसदी मरीज में टीबी के इलाज छोड़ने की बात सामने आई है। अब उन्हें दोबारा इलाज करवाना होगा। -डॉ. संदीप छाबड़ा, जिला टीबी अधिकारी, पंचकूला स्वास्थ्य विभाग