पंचकूला। सड़क हादसे में मृत सिक्योरिटी गार्ड के 16 वर्षीय बेटे को मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल ने 10.80 लाख रुपये मुआवजा देने का फैसला सुनाया है। मुआवजे की राशि कार चालक, कार मालिक और जिस कार से हादसा हुआ है, उसकी बीमा कंपनी को अदा करनी होगी।
मृतक के 16 वर्षीय बेटे बृजेंद्र कुमार ने 50 लाख रुपये मुआवजे की मांग को लेकर मोटर वाहन अधिनियम की धारा 166 के तहत जिला अदालत में याचिका दायर की थी। उत्तर-प्रदेश के जिला हरदोई निवासी याचिकाकर्ता बृजेंद्र कुमार ने बताया था कि 18 अगस्त 2021 को श्याम लाल अपने घर सेक्टर-14 स्थित झुग्गी से ढकोली साइकिल से नौकरी पर जा रहा था। सुबह 7.45 बजे जब वह कालका शिमला हाईवे पर सेक्टर-12 ए के पास बनी पीर की दरगाह के पास पहुंचा तो जीरकपुर की तरफ से एक तेज रफ्तार कार ने उसे टक्कर मारी दी। हादसे में श्याम लाल को गंभीर चोटें आईं। इलाज के लिए उसे सेक्टर-6 सिविल अस्पताल लेकर जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
सेक्टर-14 थाना पुलिस ने इस मामले में कार चालक के खिलाफ केस दर्ज किया था। याचिकाकर्ता ने दावा किया था कि चालक कार को लापरवाही और तेज गति से चला रहा था। इस कारण उसके पिता की मौत हुई। याचिकाकर्ता ने बताया कि उसके पिता की मौत होने के बाद उसके पास कोई भी आजीविका का स्रोत नहीं है। पिता की मौत होने से उसे भविष्य में आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। याचिकाकर्ता ने बताया कि श्याम लाल पंजाब सिक्योरिटी एजेंसी ढकोली में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करता था। वह 18 हजार रुपये प्रति माह कमाता था। वह अपने पिता पर निर्भर था।