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एनएचएम कर्मचारियों की ओर से अपनी मांग को लेकर भूख हड़ताल हो गई शुरू

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मांगों के लिए एनएचएम कर्मियों की भूख हड़ताल शुरू
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- 72 घंटे के लिए कर्मचारी बैठे भूख हड़ताल पर
- बोले, अगर सरकार ने मांग नहीं मानी तो करेंगे आमरण अनशन

अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला। सेक्टर-6 जनरल अस्पताल में मंगलवार को एनएचएम कर्मचारियों की ओर से भूख हड़ताल शुरू की गई। कर्मचारियों ने हड़ताल के 15वें दिन 72 घंटे तक लगातार भूख हड़ताल पर बैठने की ऐलान किया है। एनएचएम पंचकूला जिला प्रधान मनीर अहमद ने कहा कि सरकार एनएचएम कर्मचारियों की मांग नहीं मान रही है। इसलिए अब हम भूख हड़ताल शुरू कर रहे हैं। अगर सरकार हमारी मांगे नहीं मानेगी तो हम आमरण अनशन पर उतर जाएंगे। एनएचएम कर्मचारी बीते पांच फरवरी से पूरे प्रदेश में सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों के खिलाफ हड़ताल पर बैठे हुए हैं। प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह से ठप पड़ी है। आम जनता बुरी तरह से परेशान हैं। लेकिन सरकार अभी भी अपने अड़ियल रवैये पर अड़ी हुई है। जिला प्रधान ने बताया कि हमारी मुख्य मांग एनएचएम कर्मियों को स्थायी सेवा सुरक्षा प्रदान करना, सेवा नियम संशोधन, सातवां वेतन आयोग लागू करना व पिछले एक साल से लंबित मांगों को पूरा करना है। जिला पंचकूला में इंटक प्रदेश अध्यक्ष चंडीगढ़ व प्रवक्ता हरियाणा प्रदेश नसीब जाखड़ कर्मचारियों के बीच पहुंचे।
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उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार कर्मचारी, किसान व मजदूर विरोधी है। आज हर वर्ग सरकार से तंग है। लेकिन सरकार अभी भी अपना तानाशाही रवैया अपनाए हुए है। सरकार एनएचएम कर्मचारियों की मांगों पर विचार करने के बजाय उन्हें टर्मिनेट करने पर लगी हुई है। लेकिन घबराने व डरने की कोई जरूरत नहीं है। जितना सरकार कर्मचारियों को दबाने का प्रयास करेगी आंदोलन उतना ही बड़ा होता जाएगा। उधर सरकार की ओर से अभी तक कोई उचित कार्रवाई नहीं की गई है जिस वजह से एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल आगे भी जारी रहेगी। डॉ .अशोक ने बताया कि पंचकूला व पूरे हरियाणा में एनएचएम कर्मचारी अगले 72 घंटों के लिए भूख हड़ताल पर रहेंगे। मंगलवार को पंचकूला जिला अध्यक्ष मुनीर अहमद, सचिव अरविंद यादव, खजांची देवेंद्र सैनी, संदीप कुमार व अनिल कुमार भूख हड़ताल पर बैठे हैं। अरविंद यादव ने कहा कि मंगलवार से शुरू हुई भूख हड़ताल 72 घंटे बाद ही समाप्त होगी। दिन-रात एनएचएम कर्मचारी अब धरने पर बैठे रहेंगें। यदि सरकार अगले 72 घंटों में भी कर्मचारियों की मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं करती है तो जल्द ही एनएचएम कर्मचारी आमरण-अनशन पर जाने को मजबूर हो जाएंगे।
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