बागवानों को मिलेंगे उच्च गुणवत्ता के पौधे
पंजाब किसान आयोग के चेयरमैन बोले-किसान हितों की रक्षा के लिए राज्य में बनेंगे नए कानून
अमर उजाला ब्यूरो
अबोहर।
पंजाब किसान आयोग के चेयरमैन चौ. अजयवीर जाखड़ ने कहा है कि आयोग किसान हितों की रक्षा के लिए नए कानून बनवाकर राज्य में लागू करवाएगा ताकि कृषि को और लाभदायक पेशा बनाया जा सके व किसानों की आर्थिक हालत सुदृढ़ की जा सके। पंजाब कृषि विश्वविद्यालय के क्षेत्रीय खोजकेंद्र में आयोजित किन्नू प्रदर्शनी एवं गोष्ठी के दौरान जाखड़ ने संबोधित करते हुए कहा कि किसानों को वर्तमान मुश्किलों में से निकालने के लिए राज्य किसान आयोग दृढ़ संकल्परत है। जाखड़ ने कहा कि इस समय बागवानी में अगर कोई नर्सरी संचालक घटिया किस्म या बीमारीयुक्त पौधे बेचता तो उससे निपटने के लिए कोई प्रभावशाली कानून नहीं है जबकि इससे होने वाले नुक्सान को सभी पूरा नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि नर्सरी संचालकों की जिम्मेदारी तय करने के लिए नया कानूनी मसौदा तैयार किया जा रहा है। श्री जाखड़ ने कहा कि इसी प्रकार से पशु खुराक की गुणवत्ता संबंधी भी कोई कानून नहीं है इसके लिए लाईव स्टॉक फीड एक्ट लागू किया जा रहा है ताकि पशु खुराक की गुणवत्ता का मापदंड बनाया जा सके। इसके अलावा जमीनों को ठेके पर देने वाले लोगों के हितों की रक्षा के लिए जिनमें विशेष तौर पर एनआरआई को लाभ होगा उनके लिए लैंड लीज बिल लागू किया जाएगा। जाखड़ ने कहा कि कृषि संबंधी उच्च शिक्षण संस्थानों को नियमबद्ध करने के लिए भी पंजाब सरकार प्रयासरत है और अब शर्तें पूरी न करने वाले कृषि कालेजों का संचालन नहीं हो सकेगा। उन्होंने कहा कि किसान आयोग द्वारा एक ऐसी ही योजना पंजाब सरकार को बनाने के लिए कहा गया है जिसके तहत अगर कोई दुकानदार किसी किसान को कृषि संबधी कोई उत्पाद बेचने के साथ ही सरकारी पोर्टल पर उसकी जानकारी देनी अनिवार्य हो। ताकि खरीददार किसान को सरकार द्वारा उक्त उत्पाद के प्रयोग संबंधी जानकारी फोन पर मुहैया करवाई जा सके। श्री जाखड़ ने कहा कि अब वह समय नहीं रहा कि जब किसान सरकार के पास सलाह लेने जाएं बल्कि सरकार किसानों का मार्गदर्शन करने के लिए उनके पास आएगी।
हानिकारक एंटीबायोटिक के प्रयोग को नियंत्रित किया जाएगा
जाखड़ ने कहा कि जिस प्रकार से पंजाब सरकार ने इंसानी शरीर एवं पर्यावरण के लिए घातक कीटनाशकों की बिक्री पर रोक लगाई है उसी प्रकार से दुधारू पशुओं के लिए प्रयोग की जाने वाली मानव स्वास्थ्य संबंधी हानिकारक एंटीबायोटिक के प्रयोग को नियंत्रित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि मंडी बोर्ड द्वारा अबोहर में किन्नू के उत्पादन के मुकाबले मंडी फीस की कम आमद की जांच भी की जाएगी। वहीं पंजाब सरकार द्वारा ट्रक यूनियनें भंग किए जाने से न केवल व्यापार में लाभ हुआ है बल्कि अबोहर क्षेत्र के किसानों को भी करोड़ों का लाभ हुआ है।
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