जेटली ने पेश किया झांसा बजट: विधायक
लोगों को गरीबी, महंगाई से निजात दिलाने वाले बजट की जरूरत
अमर उजाला ब्यूरो
होशियारपुर।
विधायक चब्बेवाल डा. राजकुमार ने शनिवार को वित्त मंत्री अरुण जेटली के बजट को भ्रष्टाचार का झांसा बजट करार दिया। उन्होंने कहा जनता को ऐसे जुमला बजट की कोई जरूरत नहीं है। आम लोगों को ऐसे बजट की जरूरत है जो उन्हें गरीबी, महंगाई से निजात दिला सके।
विधायक ने कहा कि इस बजट में भारत के बहुत खास हिस्से महिलाओं व बच्चों के विकास के लिए कोई खास स्कीमें नहीं बनाई गईं। यह बजट सिर्फ नंबरों में बढ़ा दिख रहा है और असल में बहुत खोखला है। इसकी एक वजह है कि स्कीमें बढ़ा चढ़ाकर बताई गई हैं। स्कीमों को पूरा करने के लिए फंड किसी तरह जनरेट नहीं किए जाएंगे, इसकी कोई प्लानिंग नहीं की गई है। लोक भलाई, किसानी संबंधी, शिक्षा क्षेत्र यहां तक कि हेल्थ इंश्योरेंस स्कीम आदि के लिए कोई नीति नहीं बनाई या बताई गई है, पर अब कहा जा रहा है कि उन्होंने स्कीमों का 40 प्रतिशत खर्च राज्य सरकारों को उठाना होगा। राज्य सरकारें यह किसी तरह कर सकेंगी, इस पर जेटली ने कोई विचार सांझे नहीं किए।
उन्होंने कहा जेतली पिछले कई वर्षों में 30 हजार से एक लाख और अब पांच लाख बीमा की बात जरूर करते है, पर आंकड़े कहते है कि 26.17 करोड़ लोगों में 21.44 करोड़ के तो अभी तक बीमा कार्ड भी नहीं बने। लांग टर्म कैपिटल रेल टैक्स का प्रभाव शेयर बाजार पर साफ दिख रहा है। भाजपा की गलत आर्थिक नीतियों कारण अर्थव्यवस्था पहले ही चरमरा रही है। पेट्रोल, डीजल, गैस की कीमतें असमान छू रही है, पिछले वर्ष का वित्तीय घाटा कैसे पूरा होगा, इस बारे में एक शब्द नहीं है। इस बजट में बड़े उद्योगपतियों के अलावा हर वर्ग की अनदेखी की गई है। हेल्थ इंश्योरेंस का भी फायदा बड़े प्राइवेट अस्पतालों को ही मिलेगा। किसानों और आम जनता को ऐसे जुमला बजट की नहीं बल्कि ऐसे बजट की जरूरत है जो उन्हें गरीबी व महंगाई से निजात दिला सके।