मिशन तंदरुस्त पंजाब के तहत वातावरण और जलवायु परिवर्तन विभाग ने 15 साल से पुराने तिपहिया वाहनों को सीएनजी में बदलने का फैसला किया है। ताकि राज्य में वायु प्रदूषण की समस्या से निपटा जा सके।
तंदरुस्त पंजाब के मिशन डायरेक्टर काहन सिंह पन्नू ने बताया कि राज्य में बड़ी संख्या में 15 साल से पुराने तिपहिया वाहन चल रहे हैं। पंजाब प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड ने एक जनवरी 2019 से अमृतसर, जालंधर, लुधियाना, मोहाली और फतेहगढ़ साहिब में नए डीजल-पेट्रोल थ्री व्हीलरों के रजिस्ट्रेशन पर पाबंदी लगा दी है। पटियाला और बठिंडा में पाबंदी का मामला बोर्ड के पास विचाराधीन है। इन दोनों जिलों में हाल ही में सीएनजी सप्लाई स्टेशन स्थापित किए गए हैं। पन्नू ने कहा कि 15 साल से पुराने वाहनों से प्रदूषण केसाथ-साथ हादसों का भी खतरा रहता है। इसलिए पंजाब के तमाम जिलों में सीएनजी सप्लाई स्टेशन खोले गए हैं, इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर भी उपलब्ध कराए गए हैं। बड़े शहरों के डिप्टी कमिश्नरों को पुराने तिपहिया वाहनों को गैस, इलेक्ट्रिक में बदलवाने को कहा गया है। इसके लिए डीसी किसी सीनियर अधिकारी की अगुवाई में एक कमेटी बनाएंगे। जिसमें प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड, ट्रैफिक पुलिस और ट्रांसपोर्ट विभाग और प्रमुख बैंकों के प्रतिनिधि होंगे। पुराने वाहनों की मियाद पूरी हो चुकी है, इनकी कीमत बहुत कम है। गैस, इलेक्ट्रिक थ्री व्हीलर कंपनियों ने इनके लिए 20-25 हजार रुपये देने पर सहमति जताई है। पुराने वाहनों को बड़ी भट्ठियों में नष्ट किया जाएगा, ताकि इन्हें हमेशा के लिए सड़कों से दूर किया जा सके। यह सुझाव भी आया है कि पुराने वाहनों के मालिक अगर नए गैस या इलेक्ट्रिक वाहन लेना चाहते हैं तो मुद्रा स्कीम या किसी अन्य योजना के तहत बैंक उन्हें सस्ता कर्ज दें। ऐसे आवेदकों केलिए कैंप भी लगाए जा सकते हैं।