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वेंडरों को 29 फरवरी तक फीस जमा करने का अंतिम मौका

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चंडीगढ़। नगर निगम में बुधवार को कमिश्नर केके यादव की अध्यक्षता में टाउन वेंडिंग कमेटी की बैठक हुई। इसमें फीस भरने के लिए वेंडरों के खाते को अनलॉक करने की मांग रखी गई। इस पर कमेटी ने बचे हुए वेंडरों को 31 जनवरी तक की फीस 29 फरवरी तक भरने का मौका देने का निर्णय लिया। उसके बाद अंतिम ड्रॉ निकालकर उन्हें साइट आवंटित कर दी जाएगी। नए वेंडरों के सर्वे के लिए कमेटी ने स्पष्ट इनकार कर दिया।
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बैठक में तय किया गया कि वेंडिंग जोन के सौंदर्यीकरण और वेंडरों की सहूलियत के लिए ट्रेड के अनुसार निगम की ओर से छाते दिए जाएंगे ताकि बारिश और धूप से भी वेंडरों का बचाव हो सके। कमेटी ने तंदूर वालों, परांठा बनाने वालों और छोले भटूरे बनाने वालों को ईएसपी श्रेणी में करने पर विचार किया गया। कमेटी ने मौलीजागरां में वेंडरों के लिए साइट की संभावना पर विचार करने को कहा।
सेक्टर 22 के चिक मार्केट वाले दुकानदारों और शहर में मिट्टी के बर्तन बेचने वालों पर भी बैठक में विचार हुआ। चूंकि चिक मार्केट के दुकानदार प्रशासन के पास चले गए हैं इसलिए वहां से भी निगम ने सुझाव मांगे हैं। वहीं चीफ इंजीनियर की कमेटी को सुझाव देने के लिए कहा है। मोटर मेकेनिकों को फिलहाल वेंडर मानकर काम करने की अनुमति दे दी गई है। अगले सर्वे तक उन्हें अपनी ट्रेड बदलनी होगी। कमेटी ने वेंडरों को शिफ्ट करने के लिए निगम के साथ ट्रैफिक पुलिस और थाना पुलिस को सहयोग करने को कहा। बैठक में एडीशनल कमिश्नर अनिल गर्ग, चीफ इंजीनियर शैलेंद्र सिंह, व्यापार मंडल के अध्यक्ष अनिल वोहरा, महासचिव संजीव चड्डा, वत्सल छाया ट्रस्ट की फाउंडर संगीता वर्द्घन, समाज विकास अधिकारी विवेक त्रिवेदी मौजूद सहित पुलिस के अधिकारी मौजूद रहे।
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वेंडिंग जोन में तत्काल मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश
वत्सल छाया ट्रस्ट की फाउंडर संगीता वर्धन की रिपोर्ट देखकर कमिश्नर ने नाराजगी जताई। रिपोर्ट के अनुसार, वेंडिंग साइटों पर वेंडरों को मूलभूत सुविधाएं तक नहीं मिल पा रहीं हैं। शहर के सबसे बड़े वेंडिंग जोन में एक छोटी पानी की टंकी, टॉयलेट की सुविधा नहीं है। रात में उजाले के भी व्यवस्था नहीं है। एक माह बाद भी वेंडिंग साइटों में मूलभूत सुविधाएं न मिलने पर कमिश्नर ने गुस्सा करते हुए जल्द से जल्द वहां सुविधाएं देने का निर्देश दिया। 10 मोबाइल टॉयलेट तत्काल लगवाने को कहा। साथ ही पानी के लिए टैंकर रखवाने के निर्देश दिए।
स्ट्रीट वेंडिंग एक्ट के तहत मिलेगी ट्रेनिंग
कमेटी ने तय किया कि वेंडरों की समस्याओं को समझने के लिए इंफोर्समेंट विंग, ट्रैफिक पुलिस व थाना पुलिस के कर्मचारियों की ट्रेनिंग दी जाए। इसमें स्ट्रीट वेंडिंग एक्ट व नियमों के बारे में पूरी जानकारी दी जाए ताकि चालान अथवा अन्य कार्रवाई से पहले पूरी जानकारी हो, जिससे विवाद की स्थिति न बने।
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