चंडीगढ़। पंजाब की सड़कों पर वर्ष 2022 के दौरान हादसों में हर रोज औसतन 13 लोगों की जान गई। हालांकि 2021 के मुकाबले पंजाब में बीते साल सड़क हादसों में मुत्यु दर में 0.24 फीसदी की कमी आई है। यह खुलासा शुक्रवार को पंजाब के डीजीपी गौरव यादव की ओर से जारी की गई वार्षिक रिपोर्ट में किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2022 के दौरान राज्य की सड़कों पर 4578 हादसे हुए।
रिपोर्ट में कहा गया है कि पंजाब में सड़क हादसों में मृत्यु दर की गिरावट, देशव्यापी प्रवृत्ति के विपरीत है, क्योंकि 2022 के दौरान देश में सड़क हादसों में मृत्यु दर में 9.4 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है। इसके परिणामस्वरूप भारत में बीते साल सड़क हादसों में कुल 1,68,491 लोगों की मौत हुई।
डीजीपी गौरव यादव ने ‘पंजाब सड़क दुर्घटनाएं और यातायात-2022’ पर वार्षिक रिपोर्ट जारी करते हुए कहा कि राज्य में अपनी तरह की पहली विशेष पुलिस सड़क सुरक्षा फोर्स (एसएसएफ) जोकि सड़क सुरक्षा के साथ ही अपराधियों का पीछा करने के लिए एक समर्पित टीम होगी, के लॉन्च के साथ सड़क हादसों में गिरावट की प्रवृत्ति में तेजी आने की संभावना है। एसएसएफ जोकि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के दिमाग की उपज है, के जल्द ही सड़कों पर उतरने की उम्मीद है। यह न केवल दुर्घटनाओं को कम करके कीमती जानें बचाने में मदद करेगी बल्कि राज्य में यातायात संचालन को भी सुव्यवस्थित करेगी। डीजीपी ने पंजाब पुलिस, पंजाब सड़क सुरक्षा व यातायात अनुसंधान केंद्र की टीमों द्वारा की गई कड़ी मेहनत की सराहना करते हुए प्रदेश की जनता से पंजाब की सड़कों को सुरक्षित बनाने के लिए यातायात नियमों का पालन करने का आग्रह किया।
इस मौके पर एडीजीपी (ट्रैफिक) एएस राय ने कहा कि पंजाब सड़क दुर्घटनाएं व यातायात-2022 पर वार्षिक रिपोर्ट, पंजाब पुलिस और पंजाब सड़क सुरक्षा एवं यातायात अनुसंधान केंद्र की ओर से की गई अनूठी पहल है। इसमें पंजाब में सड़क दुर्घटनाओं, यातायात उल्लंघन और सड़क सुरक्षा उपायों का गहन विश्लेषण शामिल है।
रिपोर्ट के मुख्य निष्कर्षों को साझा करते हुए, पंजाब सड़क सुरक्षा एवं यातायात अनुसंधान केंद्र के निदेशक डॉ. नवदीप असीजा ने कहा कि वर्ष 2022 में पंजाब में कुल 5,55,429 मोटर वाहन पंजीकृत किए गए। इनकी वार्षिक वृद्धि दर 7.44 फीसदी रही है। अगस्त 2023 तक पंजाब में कुल पंजीकृत वाहनों की संख्या 1.33 करोड़ (1,32,87,350) हो चुकी है। फरवरी, जुलाई, सितंबर, अक्टूबर, नवंबर और दिसंबर में सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों में गिरावट देखी गई, जबकि पिछले वर्ष 2021 की तुलना में अन्य सभी महीनों में सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों की संख्या ज्यादा रही। फरवरी, जुलाई, सितंबर, अक्टूबर, नवंबर और दिसंबर में सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों में गिरावट देखी गई, जबकि पिछले वर्ष 2021 की तुलना में अन्य सभी महीनों में सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों में वृद्धि देखी गई है।
असीजा ने कहा कि पंजाब में सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों के लिए तेज रफ्तारी और सड़कों पर लावारिस पशुओं का घूमना प्रमुख कारण रहे हैं। वर्ष 2022 में तेज गति के कारण सड़क दुर्घटनाओं में कुल 2085 लोगों की मौत हुई, जबकि जानवरों की वजह से 421 लोगों की मौत हुई। इस बीच, 2022 के दौरान प्रतिदिन शाम 6 से रात 9 बजे के बीच सड़क दुर्घटना में हुई मौतों की संख्या सबसे ज्यादा और राज्य में कुल सड़क हादसों में हुई मौतों का 26 प्रतिशत दर्ज किया गया है। वहीं सड़क दुर्घटना में कम से कम 75 प्रतिशत मौतें ग्रामीण इलाकों में हुईं हैं।