पीजीआई में लगा सबसे छोटा पेसमेकर
2 ग्राम वजनी एक बड़े विटामिन कैप्सूल जितना है पेसमेकर
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पीजीआई में डॉक्टरों की एक टीम ने कंप्लीट हार्ट ब्लॉकेज से जूझ रही एक 40 वर्षीय कैंसर रोगी को नया जीवन प्रदान किया है। डॉ. प्रोफेसर यशपॉल शर्मा और डॉ. पराग बरवाड़ के नेतृत्व में एक टीम ने शहर में पहली बार एक ऐसी महिला के हृदय में लेडलैस पेसमेकर प्रत्यारोपित किया, जिसके दिल में पिछले पेसमेकर से संक्रमण हो गया था साथ ही कई अन्य जटिलताएं भी आ गईं थी।
डॉ. यशपॉल शर्मा ने बताया कि यह पहली बार है जब सबसे छोटा लेडलेस पेसमेकर प्रत्यारोपित किया गया। इस मामले में एक चुनौती यह थी कि मरीज को पिछले सामान्य पेसमेकर से रिएक्शन हो गया था, जिसके कारण उसे हटाना पड़ा। सामान्य पेसमेकर लगाने की गुंजाइश खत्म हो चुकी थी। टीम ने फेमोरल रूट के जरिए लेडलैस पेसमेकर इंप्लांट करने का फैसला किया। यह न केवल बहुत ही हल्का है, बल्कि पारंपरिक तरीके की तुलना में इसे इंप्लांट करने में समय भी कम लगता है। केवल 2 ग्राम वजन वाले एक बड़े विटामिन कैप्सूल जितने आकार का, दुनिया का सबसे छोटा पेसमेकर ब्रैडीकार्डिया के रोगियों के लिए है। लेडलैस पेसमेकर डिवाइस में एक रिट्रीवल फीचर भी है जो इसे पुन: प्राप्ति में सहायता करती है। हालांकि, डिवाइस को शरीर में छोड़ने के लिहाज से ही डिजायन किया गया है।