पंचकूला। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की 10वीं कक्षा में सरकारी स्कूल के छात्र ने जिले में टॉप किया है। छात्र रितेश कुमार चौबे ने 487 अंक हासिल कर जिले में पहला स्थान पाया है। वहीं दूसरे स्थान पर बेटियों ने कब्जा किया है। जिले में 10वीं की परीक्षा देने वाले 6479 अभ्यर्थियों में से 3579 ने परीक्षा पास की है। 417 का कंपार्टमेंट आया है। वहीं अलग-अलग कारणों से 2483 अभ्यर्थियों का रिजल्ट होल्ड कर दिया गया है। पास होने वाले अभ्यर्थियों में लड़कियों का प्रतिशत ज्यादा है।
10वीं कक्षा के परीक्षा परिणाम में डेराबस्सी निवासी रितेश कुमार चौबे ने 487 अंकों के साथ पहला स्थान प्राप्त किया है। रितेश सेक्टर-20 के मॉडल संस्कृति स्कूल का छात्र है। दूसरे स्थान पर 484 अंकों के साथ नोबल हाई स्कूल पिंजौर की छात्रा अनुराधा रहीं। अनुराधा पिंजौर की ही रहने वाली हैं। तीसरे स्थान पर 483 अंकों के साथ सेक्टर-12ए के सार्थक राजकीय मॉडल इंटीग्रेटेड सीनियर सेकेंडरी स्कूल की छात्रा सेक्टर-10 निवासी निधि रहीं। सभी टॉपर्स के परिजनों ने उनके परीक्षा परिणाम पर खुशी जताई है। उन्होंने अपने होनहारों को आशीर्वाद देकर उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
मेहनत की जाए तो नतीजा जरूर मिलता है
पहले स्थान पर आने वाले रितेश कुमार चौबे का कहना है कि वे स्कूल से घर आने के बाद नियमित रूप से चार घंटे पढ़ाई करते थे। उन्होंने कहा कि जितनी देर भी पढ़ता था, पूरा ध्यान पढ़ाई पर ही रखता था। अगर ईमानदारी से मेहनत की जाए तो उसका फल जरूर मिलता है। रितेश ने कहा कि वह इंजीनियर बनना चाहता है।
फैशन डिजाइनिंग में कमाना है नाम
दूसरे स्थान पर रहने वाली छात्रा अनुराधा सिंह ने कहा कि वे मूल रूप से इलाहाबाद की रहने वाली हैं। उसके पिता यहां एक फार्मा कंपनी में काम करते हैं और पिंजौर में रहते हैं। अनुराधा ने जिले में दूसरा स्थान हासिल करने पर खुशी जताई और कहा कि वह भविष्य में फैशन डिजाइनर बनना चाहती हैं।
निधि के पिता बोले बेटी पर गर्व है
तीसरा स्थान हासिल करने वाली निधि के पिता नरेश प्रसाद सेमवाल ने कहा कि जिले में तीसरा स्थान हासिल कर बेटी ने गौरवान्वित किया है। निधि ने बताया कि पढ़ाई के दौरान टीचर्स ने उसका बहुत सहयोग किया। उसी की बदौलत इतना बेहतर रिजल्ट आना संभव हो पाया है।
बेटों पर भारी पड़ी बेटियां
इस बार भी बेटियों का रिजल्ट बेटों से बेहतर रहा। लड़कों का पास औसत 48.74 रहा वहीं लड़कियों का पास औसत 62.35 रहा। परीक्षा में कुल 6479 अभ्यर्थी प्रविष्ट हुए। इनमें से 3385 लड़के और 3094 लड़कियां शामिल थीं। इनमें से 1650 लड़के और 1929 लड़कियां पास हुई हैं। 182 लड़कों को और 235 लड़कियों का कंपार्टमेंट आया है।
सबसे निचले पायदान पर रहा जिला
अगर पूरे प्रदेश के रिजल्ट की बात की बाए तो जिले का प्रदर्शन बेहद खराब रहा है। पंचकूला 55.24 फीसदी के साथ प्रदेश में सबसे निचले पायदान पर है। पहले स्थान पर सोनीपत, दूसरे पर महेंद्रगढ़ और तीसरे स्थान पर चरखी दादरी रहा है।