चंडीगढ़। पंजाब के स्कूल शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने मंगलवार को कहा कि स्कूल मेंटरशिप प्रोग्राम के लिए महज तीन दिन में ही 100 आईएएस, आईपीएस और पीसीएस अधिकारी स्कूलों को गोद लेने के लिए आगे आए हैं। इनमें 50 प्रतिशत युवा अधिकारी हैं, जो सरकारी स्कूलों के बच्चों को जीवन में ऊंचे लक्ष्य तय करने की प्रेरणा देने के साथ मार्गदर्शन करेंगे। बैंस मंगलवार को प्रेसवार्ता को संबोधित कर रहे थे।
बैंस ने बताया कि आवेदन करने वालों में से अधिकतर 2015 से 2024 के बीच लोक सेवा में आए अधिकारी शामिल हैं। 100 आवेदनों में से 41 आईएएस अधिकारी शामिल हैं, जिनमें 2005 से पहले के बैचों के 7, 2005-2015 के बैचों के 14 और 2016 के बाद के बैचों के 20 अधिकारी शामिल हैं। इसी तरह इस पहल में 48 आईपीएस अधिकारी शामिल हुए हैं, जिनमें 2005 से पहले के बैचों के 9, 2005-2015 के बैचों के 16 और 2016 के बाद के बैचों के 23 अधिकारी शामिल हैं।
इसके अलावा 3 पीसीएस अधिकारी और 8 अन्य अधिकारियों ने भी इस विशेष पहल में रुचि दिखाई है। 1998 बैच के एक सीनियर अधिकारी ने भी रुचि दिखाई है। गोद लेने के बाद स्कूल की क्या प्राप्तियां रहीं, इसे लेकर हर साल अधिकारियों से रिपोर्ट भी लेंगे। पठानकोट, तरनतारन और फिरोजपुर सहित बॉर्डर एरिया के स्कूलों के लिए भी अधिकारियों ने रुचि दिखाई है। फिलहाल 80 स्कूल ऑफ एमिनेंस के लिए यह पायलट प्रोजेक्ट लागू किया जा रहा है, जिसके लिए 20 अप्रैल तक आवेदन किया जा सकता है।
8 प्रतिशत से अधिक फीस नहीं बढ़ा सकते निजी स्कूल, सख्त कार्रवाई करेंगे : बैंस
शिक्षा मंत्री ने कहा कि निजी स्कूलों की मनमानी को लेकर शिकायतें आ रही हैं, जल्द ही सख्त कार्रवाई की जाएगी। 8 प्रतिशत से अधिक कोई भी स्कूल फीस नहीं बढ़ा सकता। बैंस ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में शिक्षकों की कमी है और जल्द ही खाली पड़े पदों पर भर्ती की जाएगी। मास्टर कैडर में पहली बार पदोन्नित की है।
पहली बार शिक्षा की बात हो रही, इसलिए विपक्ष कर रहा विरोध :
बैंस ने शिक्षकों को एक्स पर अकाउंट बनाने के लिए मजबूत करने के पर आरोपों पर कहा कि पहली बार शिक्षा की बात हो रही है, इसलिए विपक्ष विरोध कर रहा है। सरकारी स्कूलों की प्रमोशन होगी तो उसमें क्या बुराई है। बैंस ने कहा कि चेयरमैन व नेता अब सरकारी स्कूलों में बच्चों को पढ़ा रहे हैं। शिक्षकों के लिए भी ट्रांसफर पॉलिसी में प्रावधान किया, जो अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में पढ़ाएंगे, उनको ट्रांसफर के लिए उनका केस मजबूत होगा।