पलवल। लगातार घटता वन क्षेत्र और बढ़ती जनसंख्या पर्यावरण को अत्यधिक नुकसान पहुंचा रही है। जंगल नष्ट होने के कारण छोटे-बड़े सभी प्रकार के पशु-पक्षियों के जीवन पर भी संकट आ गया है, जबकि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में पेड़, पशु-पक्षी, पहाड़ और जल काफी महत्वपूर्ण हैं। ऐसे में इनकी देखरेख करना व पर्यावरण संतुलन बनाए रखना हर व्यक्ति का कर्तव्य है, लेकिन समय के अभाव के चलते लोग पर्यावरण की तरफ ध्यान नहीं दे पा रहे हैं, यही कारण है कि आज शहरी क्षेत्रों में लोग ऑक्सीजन की कमी झेल रहे हैं। ऑक्सीजन की कमी को दूर करने के लिए पर्यावरण पर ध्यान देना आवश्यक है। ऐसे में पलवल जिले में कुछ लोग हैं, जो पर्यावरण संरक्षण के लिए पूरे जुनून से काम कर रहे हैं।
आचार्य राम कुमार बघेल
आचार्य राम कुमार बघेल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कार्य कर रहे हैं। पर्यावरण सचेतक समिति का गठन करने के बाद वे गर्मी के मौसम में पक्षियों की भूख-प्यास मिटाने के लिए खाली टीन के कनस्तर (पीपों) को काटकर उन्हें घोंसले का रूप देकर पक्षियों को बचाने में जुटे रहते हैं। उन्होंने तैयार घोंसलों को खेल स्टेडियम, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, लघु सचिवालय, पार्कों और वन क्षेत्रों में लगवाया है। आचार्य राम कुमार बघेल बीमार व घायल पक्षियों का उपचार भी कराते हैं। इसके अलावा लोगों को जागरूक करते हुए जगह-जगह पौधे लगाने तथा लोगों को पौधे वितरित करने का भी काम करते हैं। उनके साथ मास्टर थानसिंह, अमरपाल बघेल, देव कुमार, ईश्वर राज सहित करीब 25 सदस्य जुड़े हैं। लोगों को वे जल संरक्षण के लिए भी लगातार जागरूक करते हैं।
नमिता तायल
स्वच्छ पलवल, स्वस्थ पलवल अभियान को लेकर अकेले ही घर से निकलीं नमिता तायल पर्यावरण के क्षेत्र में एक ऐसा नाम है, जिसे लोग पर्यावरणविद की संज्ञा देने लगे हैं। वे पॉलिथीन हटाओ, पर्यावरण को प्रदूषित होने से बचाने के लिए जहां लोगों को कपड़ों के थैले बांटती हैं, वहीं लोगों के घरों से पॉलिथीन व प्लास्टिक की बोतलों को एकत्रित कर उनसे गमले बनाना, बेंच बनाना तथा अन्य ऐसी आवश्यक वस्तुओं का निर्माण करने में लगी रहती हैं। क्लीन एंड स्मार्ट संस्था का गठन कर उन्होंने पर्यावरण के क्षेत्र में एक अभियान चलाया हुआ है। लोगों को ज्यादा से ज्यादा पौधे लगाकर उनकी देखरेख करने, पॉलिथीन का प्रयोग बंद करने तथा जल संरक्षण के प्रति लोगों के बीच जाकर जागरूक करती नजर आती हैं। उन्होंने अपनी इस टीम में करीब 50 महिलाओं को जोड़ा हुआ है।