संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। बेहतर और सुरक्षित सफर के लिए बनाया गया कुंडली-मानेसर-पलवल (केएमपी) एक्सप्रेस-वे पर सफर करना बेहद खतरनाक है। केएमपी पर टूटी सड़कें, अवैध कट इतने खतरनाक हैं कि कोई भी बड़ा हादसा हो सकता है। कई बार हादसे हो भी चुके हैं, लेकिन उसके बावजूद इस तरफ न तो सरकार का ध्यान है और न ही राजमार्ग प्राधिकरण का। यदि समय रहते टूटी सड़कों तथा उनके गड्ढों को नहीं भरा गया तो कभी भी बड़ा हादसा यहां हो सकता है। इसके अलावा एक्सप्रेस वे पर कुछ जगह लोगों द्वारा बनाए अवैध कट भी दुर्घटनाओं को निमंत्रण देते हैं। रात के समय तो केएमपी पर सफर करना और भी ज्यादा खतरनाक हो जाता है, क्योंकि रात को अधिकांश स्थानों पर लाइटें न जलने पर अंधेरा रहता है।
कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेस का निर्माण करने के दौरान यहां जो सड़कें बनाई गईं थीं, वे छह महीने भी नहीं चलीं। तब से लेकर आज तक केवल खानापूर्ति के लिए मरम्मत कर दी जाती है, जो बड़े वाहनों के दबाव के चलते फिर टूट जाती है। 135 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेस वे पर नजर डाली जाए तो 100 किलोमीटर के क्षेत्र में सड़कें टूटी हुई हैं। कई जगह तो इतने खतरनाक गड्ढे हैं कि कोई भी वाहन चालक उनमें गिरकर घायल हो सकता है। टूटी सड़कों की मरम्मत भी ठीक से राजमार्ग प्राधिकरण व प्रशासन द्वारा नहीं कराई जाती है।
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एक्सप्रेसवे पर प्रशासन का पूरा ध्यान है। राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों को आदेश दे दिए गए हैं। केएमपी के अलावा केजीपी और दिल्ली-आगरा राजमार्ग पर भी सड़कों की मरम्मत करने के आदेश दिए गए हैं। इस बारे में जिला उपायुक्त से भी बात कर जल्द टूटी सड़कों को दुरुस्त कराया जाएगा। मेरा प्रयास है कि सरकार जिस तरह से सड़कों का जाल बिछा रही है, उन पर वाहन चालकों को पूरी सुविधाएं तथा बेहतर सफर मिले। इसके लिए मैं जल्द ही अधिकारियों के साथ बैठक भी करूंगा।
- कृष्णपाल गुर्जर, केंद्रीय राज्यमंत्री भारत सरकार