पलवल। अखिल भारतीय किसान सभा की जिला कमेटी की बैठक रविवार को जिला प्रधान धर्मचंद की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में एक वर्ष से ज्यादा तक चले किसान आंदोलन की समीक्षा व क्षेत्रीय समस्याओं पर चर्चा की गई। किसान सभा के जिला प्रधान धर्मचंद व सोहनपाल चौहान ने कहा कि किसान आंदोलन ने भारत के कॉरपोरेट सांप्रदायिक गठजोड़ को बेनकाब किया है।
उन्होंने कहा कि किसान आंदोलन तानाशाह सरकार को अपने कदम वापस खींचने के लिए मजबूर किया।
किसान नेताओं ने भविष्य में पलवल जिला के अंदर संयुक्त किसान मोर्चा को मजबूत करते हुए सम्मान समारोह आयोजित करने का निर्णय लिया। इस अवसर पर खाद की किल्लत व अन्य स्थानीय समस्याओं को लेकर 20 दिसंबर सोमवार को उपायुक्त पलवल से मिलने का निर्णय लिया गया। इसके बाद संयुक्त किसान मोर्चा का पुनर्गठन करते हुए भविष्य में किसानों की समस्याओं को उठाने के साथ-साथ केंद्र व प्रदेश सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ आंदोलन चलाने का निर्णय लिया।
बैठक को किसान सभा के नेता किशन चंद शर्मा, ताराचंद, मोहन सिंह, लाल सिंह, होशियार सिंह, जोगिंदर सिंह, दरियाब सिंह, भागीरथ बेनीवाल, बीधू सिंह, रूपराम तेवतिया ने संबोधित किया।