हथीन। गांव कौंडल में एक वर्ष पहले हुई सत्यम की हत्या मामले में मुख्य गवाह पिता राजवीर को गाड़ी से कुचलकर मार डाला। परिजनों ने बेटे की हत्या में शामिल 10 आरोपियों पर पिता को मारने का आरोप लगाया है। घटना मंगलवार शाम करीब पांच बजे की बताई जा रही है। बुधवार को जिला नागरिक अस्पताल में पोस्टमार्टम कार्रवाई के दौरान गुस्साए परिजनों ने जमकर हंगामा किया। गिरफ्तारी मांग को लेकर शव नहीं उठाया और जाम लगाने की बात कही। जाम के डर से पुलिस सतर्क हो गई और अस्पताल तथा आगरा चौक पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस द्वारा दो आरोपियों को हिरासत लेने के आश्वासन के बाद मामला शांत हुआ। पुलिस ने मामले में मृतक के भाई की शिकायत पर 10 नामजद के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
डीएसपी यशपाल खटाना के अनुसार, गांव कौंडल निवासी जगदीश ने पुलिस को दी शिकायत में कहा कि 20 जून 2021 को उसके भाई राजवीर के पुत्र सत्यम पर जानलेवा हमला हुआ था। दिल्ली के अस्पताल में उपचार के दौरान 25 जून को मौत हो गई थी। मामले में गांव निवासी दर्जन भर लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज है। मामला कोर्ट में चल रहा है तथा अब तक सभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। सत्यम हत्याकांड में राजवीर मुख्य गवाह भी था। 26 मई को अदालत में सत्यम हत्याकांड की सुनवाई होनी है। सत्यम हत्याकांड के मामले में समझौता करने के लिए दबाव बनाया गया, धमकियां दी र्गइं। 17 मई की शाम को उसके पास फोन आया कि उसका भाई राजवीर हथीन जयंती मोड़ पर अंधरोला रोड पर पड़ा हुआ है। सूचना पर वे संबंधित स्थल पर पहुंचे तो वहां भीड़ खड़ी थी। खेतों पर काम करने वाले लोगों ने बताया कि राजवीर की बाइक को जानबूझकर कार चालक ने टक्कर मारी। इसके बाद जब राजवीर रोड पर गिर पड़ा तो उसके ऊपर गाड़ी चढ़ाकर आगे पीछे की गई। इसके बाद आरोपी गाड़ी को बहीन की तरफ लेकर फरार हो गए। राजवीर के भाई जगदीश ने बताया कि यह हत्या सत्यम हत्याकांड से जुड़े लोगों ने ही किया है। उन्हें लगातार धमकियां दी जा रही थी। उसका कहना है कि पुलिस ने कई आरोपियों को सत्यम हत्याकांड से निकाल दिया। इस कारण से आरोपियों का दु:साहस बढ़ा। पुलिस ने इस मामले में कौंडल निवासी प्रिंस, भूषण, शेर सिंह, अशोक, ललित, सचिन, संजय, अर्जुन, सुमित व खेड़ीकलां निवासी पवन के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया है।
पुलिस और परिजनों में चलती रही खींचतान
बुधवार को राजवीर की पोस्टमार्टम कार्रवाई के दौरान पुलिस व परिजनों के बीच खींचतान बनी रही। गांव से भारी संख्या में महिलाएं अस्पताल पहुंच र्गइं और जमकर हंगामा किया। महिलाओं ने विलाप करते हुए एक-एक मारने की बजाय पूरे परिवार को एक साथ खत्म करने की दुहाई दी। गिरफ्तारी की मांग को लेकर परिजनों ने शव नहीं उठाया और शव को सड़क पर रखने की बात कही। जाम के डर से पुलिस सतर्क हो गई और अस्पताल में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। मुख्य चौराहे आगरा चौक पर भी पुलिस बल तैनात रहा।
सीआईए होडल को सौंपी गई जांच
राजवीर हत्याकांड की जांच अब होडल की सीआईए टीम करेगी। इसके लिए पुलिस अधीक्षक मुकेश मल्होत्रा ने निर्देश जारी कर दिए हैं। इससे पूर्व गांव कौंडल का एक प्रतिनिधिमंडल पुलिस अधीक्षक मुकेश मल्होत्रा से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने राजवीर हत्याकांड की जांच होडल सीआईए को सौंपने की मांग की। इसके अलावा सत्यम की हत्या की जांच स्टेट क्राइम ब्रांच से कराने की मांग की। पुलिस अधीक्षक ने इस पर भी सहमति दे दी। पुलिस ने दो आरोपियों अशोक व भूषण को गिरफ्तार करने का भी दावा किया है।
व्हाट्स एप पर टिप्पणियों से बढ़ा विवाद
ग्रामीणों का कहना था कि पीड़ित और आरोपी पक्ष के मकान एक-दूसरे के निकट ही हैं। दोनों परिवारों के बीच कभी रंजिश नहीं रही। दोनों परिवारों के युवाओं के मध्य व्हाट्सएप ग्रुप में एक-दूसरे के खिलाफ की गई टिप्पणियों से विवाद बढ़ा और रंजिश बढ़ती चली गई। पिछले साल दोनों परिवारों के मध्य पारस्परिक झगड़ा हुआ था। इस झगड़े में एक बाइक क्षतिग्रस्त कर दी गई थी, जिसका दोनों परिवारों के मध्य 45 हजार रुपये में आपसी समझौता भी हो गया था। इसी समझौते के बाद 20 जून 2021 को दोबारा सत्यम पर हमला किया गया था।