पलवल। नए कृषि कानूनों की वापसी और न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गारंटी कानून की मांग के संबंध में अटोहां चौक पर चल रहा किसानों का धरना मंगलवार को भी जारी रहा। इस दौरान तेवतिया पाल के किसानों ने समर्थन दिया। धरनास्थल पर काफी संख्या में किसान पहुंचे और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। किसानों में काफी महिलाएं भी शामिल थी। वहीं, गायकों ने भजनों के माध्यम से कटाक्ष करते हुए सरकार को किसान विरोधी बताया।
किसान नेताओं ने कहा कि सरकार कृषि कानूनों को वापस ले। कानून वापस नहीं होने तक कोई भी किसान घर नहीं लौटेगा। केंद्र सरकार किसानों की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। किसान अब किसी दबाव में आने वाले नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार ने किसानों की मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। किसानों का कहना था कि सरकार जिस तरह से किसान, मजदूर व आम वर्ग का शोषण कर रही है, लोग इसका हिसाब चुनावों में लेंगे। किसानों ने कहा कि आज हर चीज महंगी होती जा रही है, लेकिन फसल का मूल्य वहीं पर है। सरकार किसानों की आय दोगुना करने की बात कहकर कृषि कानूनों को लादना चाहती है। इससे उद्योगपतियों को फायदा होगा। धरने की अध्यक्षता जीवन नंबरदार बझराम ने की और संचालन लखन पाल तेवतिया ने किया। धरने को समर्थन देने के लिए मंगलवार को जनौली, अलावलपुर, कटेसरा, सदरपुर, बढ़राम, छपरौला, दूधौला, गोपीखेड़ा गांवों के किसान पहुंचे। भजन गायक गोपी हवलदार, रणजीत चौहान, रोशन लाल अल्लीका, धन सिंह अलावलपुर, जयदेव चौहान, ह्दय नंबरदार, महेंद्र चौहान, धर्म चंद, रूपराम तेवतिया आदि ने किसानों को संबोधित किया।