संवाद न्यूज एजेंसी
पिनगवां। क्षेत्र में बुधवार को नीमका गांव में पुलिसकर्मियों पर ग्रामीणों ने पथराव कर दिया। पुलिस पत्थरों से भरीं दो ओवरलोड ट्रैक्टर ट्रॉलियों का पीछा करते हुए गांव में घुसी थी। पथराव में चार पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। इसके बाद पुलिस ने घरों में जमकर तोड़फोड़ की, कुछ गाड़ियों को भी तोड़ा। एक आराेपी चालक ट्रैक्टर छोड़कर फरार हो गया। वहीं दूसरा आरोपी पुलिस को देखकर वाहन भगा ले गया। पुलिस ने मौके से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। वहीं 14 नामजद और 8 अज्ञात पर मुकदमा दर्ज किया गया है।
नीमका गांव के दो आरोपी ट्रैक्टर चालक ट्रॉलियों में ओवरलोड क्रशर भरकर ले जा रहे थे। पुलिस ने उन्हें देखकर रुकने का इशारा किया तो दोनों चालक वाहनों को लेकर तेज गति से निकल गए। पुलिस ने पीछा किया तो एक चालक ने ट्रैक्टर को बिछोर गांव में मोड़ दिया। इसके बाद एक जगह ट्रैक्टर को खड़ा कर वह एक घर में घुस गया। पुलिस कर्मियों ने उसके पीछे जाते हुए घर में तोड़फोड़ कर दी। इसपर ग्रामीणों ने पुलिस को घेर लिया और नोकझोंक होने लगी। मौका पाकर चालक बिना वाहन फरार हो गया। पुलिस ने ट्रैक्टर कब्जे में ले लिया और चालक का पता मालूम कर नीमका गांव पहुंची। यहां पहुंचते ही ग्रामीणों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। इस दौरान चार पुलिसकर्मियों को चोटें आईं। ग्रामीणों का आरोप है कि नीमका गांव में भी पुलिस ने पथराव के बाद एक स्विफ्ट गाड़ी को तोड़ दिया। कई घरों में भी तोड़फोड़ की।
बिछोर थाना प्रभारी मलखान सिंह ने बताया कि पुलिस पर हुए हमले में चार जवान चोटिल हुए हैं। एक ट्रैक्टर को कब्जे में ले लिया गया है। दूसरे ट्रैक्टर को आरोपी भगा ले गए। उन्होंने बताया कि बिछोर और नीमका गांव के 14 नामजद और 8 अन्य के खिलाफ पुलिस पर जानलेवा हमला करने और सरकारी काम में बाधा डालने सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया है। इनमें महिलाएं भी शामिल हैं। नीमका गांव से आरिफ पुत्र फारूक को गिरफ्तार किया है, बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश जारी है। पुलिस का दावा है कि जल्द सभी को गिरफ्तार किया जाएगा।
मजबूरी बना रही अपराधी
मेवात जिला तीनों तरफ से अरावली से सटा हुआ है। यहां लोग कम पढ़े लिखे हैं। जिसके कारण नौकरी या अन्य रोजगार की यहां कमी है। लिहाजा यहां लोग ड्राइविंग, सहरोजगार के तौर पर ट्रैक्टर, डंपर और हाइवा चलाने का काम करते हैं। मजबूरी ये है कि ये वाहन लोन पर हैं और अगर वह ओवरलोड नहीं चलते हैं तो उनकी किस्त नहीं निकल पाती हैं। इसके अलावा उनके पास आय का अन्य जरिया नहीं है। हालांकि इसके चक्कर में कई बार पुलिस द्वारा पकड़े जाने पर वह इस कमाई से हाथ धो बैठते हैं।
चार दिन पहले ओवरलोडिंग करने पर रिश्वत लेते पकड़े थे पुलिसवालेनूंह जिले में लगातार ओवरलोडिंग का खेल जारी है। यहां लोगों के हौंसले इतने बुलंद हैं कि वो ट्रैक्टर से लेेकर हाइवा और डंपर तक को ओवरलोड चला रहे हैं। जब उन पर पुलिस द्वारा कार्रवाई की जाती है तो वह कोई ना कोई इस तरह की कार्रवाई को अंजाम देते हैं। इसके अलावा इसमें पुलिस की मिलीभगत भी रहती है। इस बात का खुलासा चार दिन पहले हुआ। जब पुलिस नाके से ओवरलोड डंपरों को पास कराने के नाम पर पुलिस वाले ही अवैध वसूली करते गिरफ्तार हुए थे।
बार-बार पिट रही पुलिस
बिछोर और नीमका के अलावा हथन गांव में बिछोर पुलिस पर खनन माफियाओं द्वारा हमला किया जा चुका है। जिसमें न केवल पुलिस कर्मियों पर हमला किया गया बल्कि डायल 112 की गाड़ी भी जेसीबी द्वारा तोड़ी गई। इसमें कई लोगों के खिलाफ बिछोर थाने में केस दर्ज किया गया।