होडल। अन्नदाता कहे जाने वाले किसानों की समस्याएं कम होने का नाम नहीं ले रही है। शहर के इफ्को केंद्र पर यूरिया नहीं मिलने से किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। एक तरफ फसल की बिजाई दूसरी तरफ मंडी में फसल की बिक्री नही होने से किसानों को हताश कर दिया। किसानों के साथ महिलाएं भी अपने घर के काम को छोड़कर खाद के लिए सुबह छह बजे से दो बजे तक बैठी रही, लेकिन यूरिया के दर्शन तक नसीब नहीं हुए।
क्षेत्र में डीएपी खाद की कालाबाजारी के बाद अब यूरिया खाद की कालाबाजारी शुरू हो गई है। यूरिया खाद की किल्लत के चलते निजी दुकानदार मनमानी दर से चुपके से खाद की बिक्री कर रहे हैं और संबंधित विभाग मूकदर्शक बनकर बैठे हुए हैं। क्षेत्र में यूरिया खाद को लेकर जबरदस्त मारामारी मची हुई है। किसानों ने बताया कि पहले फसल बिक्री के लिए मंडी व अधिकारियों के चक्कर काटे फिर बिजाई के लिए पुलिस थानों के चक्कर काटने के बाद अब यूरिया के लिए शहर में आकर वापस लौट जाते है। किसान प्रतिदिन 10 से 15 किलोमीटर की दूरी तयकर सारे काम-धाम छोड़कर भूखे प्यासे दिन भर खाद के सेंटरों पर आते है और निराश होकर लौट शाम को अपने घर चले जाते हैं। यूरिया खाद के लिए दुकानदारों के चक्कर काटने को विवश है किल्लत के चलते फसलों को खाद नहीं दे पा रहे हैं। उन्होंने बताया कि किसानों से बीज के दुगने दाम बीज विक्रेताओं द्वारा लिया गया अब यूरिया की किल्लत से किसान की जेब ढीली हो रही है। रबी की फसल में यूरिया की खपत अधिक होती है लेकिन क्षेत्र में यूरिया नहीं रहने से बाजार में यूरिया कमी है। यूरिया की कमी का फायदा उठाते हुए दुकानदार किसानों से अधिक दाम वसूल रहे हैं।
किसान शम्भू प्रसाद, नवीन कुमार, सुनील कुमार, नागेंद्र सिंह, सुबोध कुमार, मनोज कुमार, दिनेश कुमार, प्रकाश रामदयाल प्रसाद, चन्दन कुमार, नन्दू प्रसाद का कहना है कि यूरिया की किल्लत से किसान की फसल खराब होने की कगार पर है। बाजार में यूरिया की कमी है। कई दुकानदार यूरिया खाद की कीमत दो सौ रुपये प्रति बोरी बेचकर मोटा मुनाफा कमा रहे हैं। वहीं जिला प्रशासन के अधिकारी चुप्पी साधे बैठे हैं किसान परेशान हैं। किसानों ने प्रशासन से मांग कि है जल्द खाद मुहैया करवाया जाए।
क्या कहती है महिला किसान
सुबह छह बजे से यूरिया खाद के मिलने के भरोसे इफ्को सेंटर पर बैठे है, लेकिन दोपहर के दो बजे बोला जा रहा है कि खाद नहीं आ सकता क्योंकि गाड़ी नही मिल पा रही। सुबह से खाना भी नसीब हुआ।
- राजवती महिला
सरकार व प्रशासन नही चाहते किसान का भला हो किसान आज दर-दर की ठोकरें खा रहा है लेकिन यूरिया खाद नही मिल पा रहा। हम महिलाओं को खाद के लिए सुबह से लाइन में लगना पड़ रहा है।
- बुध्दो देवी
खाद की कमी नहीं होने दी जाएगी। इसके लिए कृषि विभाग के अधिकारियों को आदेश दे दिए हैं। खाद की कमी नहीं है। किसानों को धैर्य रखना चाहिए। खाद मिलेगी। खाद की कालाबाजारी बिल्कुल नहीं होने दी जाएगी।
- वकील अहमद, एसडीएम होडल