पलवल। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के युवाओं को शिक्षा के साथ-साथ कौशल में निपुण बनाने के लिए स्थापित देश का पहला कौशल विश्वविद्यालय मील का पत्थर साबित हो रहा है, क्योंकि कौशल ही देश, समाज और राष्ट्र को आगे बढ़ा सकता है।
मुख्यमंत्री बृहस्पतिवार को पलवल के दूर्धाला गांव में स्थित श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय के तृतीय स्थापना दिवस कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में कौशल विकास और औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री मूलचंद शर्मा भी उपस्थित रहे। मनोहर लाल ने विश्वविद्यालय में चल रहे कार्यों की प्रगति को लेकर भी समीक्षा की।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि युवाओं को समय की मांग के अनुरूप कौशल से जुड़ी शिक्षा प्रदान करने के लक्ष्य के साथ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस विश्वविद्यालय की आधारशिला रखी थी। यह विश्वविद्यालय प्रधानमंत्री के ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान को आगे बढ़ाने में मील का पत्थर साबित होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस विजन के साथ इस विश्वविद्यालय की स्थापना की गयी थी, उसमें यह विश्वविद्यालय पूरी तरह सफल हुआ है। राज्य सरकार युवाओं को कौशल में निपुण बनाने में सफल हुई है। उन्होंने कहा की विद्यार्थी इस विश्वविद्यालय से कौशल प्राप्त कर रहे हैं और रोजगार योग्य बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि पढ़ाई और हुनर में अंतर समझने की आवश्यकता है। कौशल ही देश, समाज और राष्ट्र को आगे बढ़ा सकता है। मनोहर लाल ने कहा की विश्वविद्यालय से वर्ष 2030 तक हर वर्ष 12000 स्किल्ड युवा तैयार होंगे। वर्तमान में हर वर्ष 4 हजार स्किल्ड युवाओं को यूनिवर्सिटी में कौशल प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने कहा की प्रत्येक इंडस्ट्री कौशल से संबंधित कोर्स शुरू करे और इस विश्वविद्यालय से एफिलिएशन करें, ताकि विद्यार्थियों को ज्यादा से ज्यादा रोजगार मिले।
इससे पूर्व मुख्यमंत्री, मंत्री मूलचंद शर्मा विश्वविद्यालय में निर्मित खेड़ा देवत मंदिर में यज्ञ कर मूर्ति की स्थापना की। इस अवसर पर विधायक नयनपाल रावत, विश्वविद्यालय के कुलपति राज नेहरू, विधायक दीपक मंगला, जगदीश नायर, प्रवीण डागर, नरेंद्र गुप्ता, उपायुक्त कृष्ण कुमार, आयुक्त संजय जून, मुख्यमंत्री के राजनीतिक सचिव अजय गौड़ मौजूद थे।
पासपोर्ट बनवाए जाएंगे फ्री
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि कौशल विकास विश्वविद्यालय से शिक्षा ग्रहण करने के बाद विदेश जाने वाले युवाओं के पासपोर्ट फ्री बनवाए जाएंगे। इसके अलावा विदेशों में नौकरी उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि भारत का युवा आगे बढ़ सके।
द्वितीय विश्वकर्मा राष्ट्रीय कौशल उत्कृष्टता पुरस्कार दिए
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने द्वितीय विश्वकर्मा राष्ट्रीय कौशल उत्कृष्टता पुरस्कार भी विजेताओं को प्रदान किए। जिसके तहत डेढ़ लाख रुपये की नगद इनाम राशि भेंट की गई। यह पुरस्कार जमना ऑटो इंडस्ट्रिज को मिला। साथ ही हीरो मोटोकॉर्प को औद्योगिक श्रेणी में स्वर्ण पुरस्कार तथा इसी श्रेणी में लोटस पेटल चेरिटेबल फाउंडेशन को रजत पुरस्कार से सुशोभित किया गया। औद्योगिक सहयोगियों के रूप में एसकेएच इंडस्ट्रिज, बुल्सआई इम्पैक्स, बीकानेरवाला, इलेफि इंडस्ट्रिज को सम्मानित किया गया। कोविड-19 की रोकथाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले शिक्षकों को भी पुरस्कृत किया गया, जिनमें प्रो. ऋषिपाल, प्रो. सुरेश कुमार, प्रो. निर्मल सिंह, डॉ. राज आंतिल, विनय सैनी, डॉ. मोहित शामिल थे।
नहीं लिया दूधौला के सरपंच से मांगपत्र
दूधौला गांव में श्रीकौशल विकास विश्वविद्यालय के स्थापना दिवस पर आए मुख्यमंत्री मनोहर लाल को गांव के सरपंच व पंच ज्ञापन देने के लिए खड़े रहे, लेकिन मुख्यमंत्री ने उनका ज्ञापन व मांगपत्र लिया ही नहीं। सरपंच व ग्राम पंचायत की तरफ से उस मांग पत्र में गांव में विश्वविद्यालय के साथ लगती 10 एकड़ जमीन पर मेडिकल कालेज बनवाने, बीपीएल कालोनी में बिजल, पानी व सड़क की सुविधा दिलवाने तथा दूधौला में स्थापित उद्योगों से सीएसआर योजना के तहत गांव का विकास कराने की मांग थी, लेकिन मुख्यमंत्री द्वारा उनके मांग पत्र को न लेने से उनकी उम्मीदों पर पानी फिर गया। बेचारे ग्राम पंचायत के सदस्य बिना मांग पत्र दिए ही वापिस निराश होकर लौट गए।