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Palwal News: दो विभागों की अपसी खींचतान में दो साल से सीवरेज व्यवस्था ठप

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फोटो कैप्शन
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14श्चड्डद्यश्च4- अस्पताल में शव के रास्ते में क्षतिग्रस्त मैन होल। - संवाद
14श्चड्डद्यश्च5- अस्पताल में मुख्य गेट पर टूटा मैन होल का ढक्कन। - संवाद
14श्चड्डद्यश्च6- डॉ.लोकवीर, जिला सिविल सर्जन
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-स्वास्थ्य व जन स्वास्थ्य विभाग एक-दूसरे पर करते हैं आरोप-प्रत्यारोप
- मेन होल धंसने से होते रहते हैं हादसे, कई बार फंस चुके हैं एंबुलेंस के पहिए
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। दो विभागों की आपसी खींचतान में जिला नागरिक अस्पताल की सीवरेज व्यवस्था ठप पड़ी हुई है। अस्पताल में बने सीवरेज के ज्यादातर मेन होल टूट गए हैं, जिससे ढक्कन अंदर धंसें हुए हैं। कही जगह तो पूरा मेन होल अंदर धंस गया है, जिससे हादसे होते रहते हैं। सीवरेज की यह हालत करीब दो सालों से बनी हुई है। जिम्मेदार अधिकारियों से बात करने पर एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप करते नजर आते हैं। स्वास्थ्य विभाग इस्टीमेट पास होने के बावजूद जन स्वास्थ्य विभाग पर काम न करने का आरोप लगाता है, वहीं जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी स्वास्थ्य विभाग द्वारा समय पर राशि का भुगतान न करने का आरोप लगा रहे हैं। अब दोनों विभागों की खींचतान आम जनता पर भारी पड़ रही है।
दरअसल, जिला नागरिक अस्पताल में पानी निकासी के लिए सीवरेज डाली गई है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा रुपयों का भुगतान कर जन स्वास्थ्य विभाग द्वारा सीवरेज लाइन डलवाई गई। अब यह लाइन करीब दो साल से बदहाल हालत में है। ज्यादातर मेन होल क्षतिग्रस्त हो गए हैं। सभी के ढक्कन अंदर धंसे हुए हैं। सबसे ज्यादा बुरी हाल मुख्य गेट आने वाली सड़क पर व शव गृह की तरफ जाने वाले रास्ते पर बने मेन होल की है। शव गृह के मेन होल की हालत इतनी खराब है कि आए दिन एबुंलेंस का पहिया इसमें फंस जाता है। लोग इसमें न गिरे इसके लिए ऊपर से स्ट्रेचर डाला हुआ है, परंतु उसके बावजूद भी कोई न कोई उसमें गिरता रहता है। अन्य मेन होल की भी यही हालत है।
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अस्पताल की सीवरेज लाइन की मरम्मत के लिए कई बार जन स्वास्थ्य विभाग को लिखा गया है। उनके द्वारा बनाए गए इस्टीमेट को भी स्वास्थ्य विभाग द्वारा पास कर दिया गया। विभागीय खाते में इस्टीमेट की राशि डालने की प्रक्रिया भी चल रही है, परंतु उसके बावजूद भी सीवरेज लाइन मरम्मत का काम नहीं किया जा रहा है। जिला उपायुक्त के संज्ञान में भी यह मामला लाया गया है।
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- डॉ.लोकवीर, जिला सिविल सर्जन

सीवरेज लाइन मरम्मत के लिए स्वास्थ्य विभाग को 6.80 लाख रुपये का इस्टीमेट बनाकर दिया गया था, जिसे पास कर दिया गया, परंतु अभी तक विभाग के खाते में इस्टीमेट की राशि प्राप्त नहीं हुई है। जब तक कार्यकारी अभियंता कार्यालय के खाते में राशि नहीं आएगी, तब तक टेंडर प्रक्रिया शुरू नहीं की जाएगी। पहले भी स्वास्थ्य विभाग के काम के दौरान राशि के भुगतान में लेटलतीफी की गई थी, जिससे ठेकेदारों का भुगतान नहीं हो पाता।
- त्रिलोक चंद मंगला, एसडीओ, जन स्वास्थ्य विभाग
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