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इन्फ्लुएंजा का डर: खांसी-जुकाम होते ही पहुंच रहे अस्पताल में लोग

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फोटो 15,16,17 में हैं। कैप्शन: 15-जिला नागरिक अस्पताल में लगी मरीजों की लाइन कैप्शन: 16- जितेंद्र शमशाबाद कैप्शन: 17- चंद्रपाल पलवल
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इन्फ्लुएंजा का डर: खांसी-जुकाम होते ही पहुंच रहे अस्पताल में लोग
-मरीजों को नहीं मिल रही पर्याप्त मात्रा में दवाइयां
-होडल व हथीन में भी बनेंगे इन्फ्लुएंजा के लिए अलग से वार्ड
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। इन्फ्लुएंजा का डर लोगों में इतना अधिक बढ़ने लगा है कि अब खांसी व जुकाम होते ही लोग अस्पतालों में उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। मंगलवार को ही जिला नागरिक अस्पताल में खांसी जुकाम के 175 मरीज पहुंचे। जिनकी अस्पताल में जांच की गई। वहीं जिले में हथीन, होडल व हसनपुर में भी 150 के करीब मरीज पहुंचे। डॉक्टरों ने मरीजों की जांच करने के बाद जलो दवाइयां लिखी जा रही हैं, वे अस्पतालों में नहीं मिल रही हैं। उधर जिला स्वास्थ्य विभाग ने इन्फ्लुएंजा के लिए होडल व हथीन में भी अलग से वार्ड स्थापित किया जा रहा है। जिला सिविल सर्जन ने होडल व हथीन अस्पताल में वार्ड स्थापित करने के निर्देश दे दिए हैं।
मंगलवार को सुबह से ही अस्पताल में खांसी व जुकाम के मरीज आने शुरू हो गए। इन मरीजों को अस्पतालों में पहुंचने के बाद डॉक्टरों ने जांच शुरू कर दी तथा उनहें कोरोना से बचाव वाले उपाय करने की सलाह दी। बताया गया कि पलवल में जहां 175 मरीजों की जांच की गई, वहीं हथीन में 65, होडल में 77 तथा हसनपुर में 23 लोग खांसी व जुकाम से पीड़ित पहुंचे। अस्पतालों में आने वाले मरीजों की जांच तो की जा रही है, लेकिन उन्हें दवाइयांं पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल रही है।
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डॉक्टर द्वारा लिखी जा रही दवाइयों में से आधी अस्पताल में उपलब्ध नहीं
जिला नागरिक अस्पताल में आ रहे मरीजों के लिए डॉक्टरों द्वारा जो दवाइयां लिखी जा रही हैं, उनमें से आधी दवाइयां भी मरीजों को नहीं मिल रही हैं। अस्पताल में दवा केंद्र से उन्हें कुछ दवाइयां बाहर से लेने की सलाह दी जा रही है। जिससे मरीजों में खासा रोष है। लोगों का कहना है कि जब दवाइयां ही पूरी नहीं है तो फिर इन्फ्लुएंजा का इलाज यहां कैसे होगा।

कोरोना वायरस की तरह ही लोगों के नमूने लिए जाएंगे नमूने
मलेरिया विभाग के डॉ.मनजीत गौतम ने बताया कि उन्हें व डॉ.बातिश को एन्फ्लूएंजा संक्रमण के नमूने लेने की जिम्मेवारी सौंपी गई है। कोरोना की तरह की नाक व गले से एन्फ्लूएंजा संक्रमण के नमूने लिए जाएंगे। अभी तक ऐसा कोई गंभीर मरीज सामने नहीं आया है, जिसकी सांस लेने में परेशानी हो। यदि कोई मरीज आता है तो उसके नमूने लेने की पूरी तैयारी है। नमूनों को जांच के लिए दिल्ली के नेशनल सेंटर ऑफ इम्यूनोलोजी में भेजा जाएगा। यहां यदि ज्यादा संख्या होगी तो पुणे में नमूनों की जांच होगी। तीन से चार दिन में संक्रमण की जांच रिपोर्ट आ जाएगी।

मुझे डॉक्टर ने जांच करने के बाद चार दवाइयां लिखी हैं। मैं जब दवा कक्ष में दवा लेने के लिए पहुंचा तो मुुझे केवल दो दवाइयां दी गईं, बाकी दवाइयों के न होने की बात कहकर बाहर से लाने के लिए बोल दिया गया। अस्पताल में पूरी दवाई नहीं हैं7
-जितेंद्र, शमशाबाद

मैं बेटी को दिखाने आया था। डॉक्टर ने जो दवाई लिखी, उनमें से आधी दवाई भी नहीं मिली। अब बाहर से दवा खरीदने के लिए मेरे पास पैसे तक भी नहीं है। ऐसे में गरीब इंसान कैसे अपना व परिवार का बीमार होने पर इलाज करा पाएगा। दवाइयों का इंतजाम होना चाहिए।
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-चंद्र्रपाल, पलवल
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जिला सिविल सर्जन डॉ. लोकवीर का कहना है कि इन्फ्लुएंजा को लेकर पूरी तरह से विभाग गंभीर है। जिला नागरिक अस्पताल के अलावा होडल व हथीन में भी वार्ड बनाने के आदेश दे दिए गए हैं। अभी तक ऐसा कोई मरीज नहीं आया है। रहा अस्पताल में दवाइयों की कमी का मामला तो वे इस बारे में पता करेंगे तथा जो दवाइयां नहीं है, उन्हें मंगवाया जाएगा। मरीजों को दिक्कत नहीं होने दी जाएगी।
-अनूप पाराशर
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