50 करोड़ की लागत से बने फ्लाईओवर की गुणवत्ता पर उठे थे सवाल
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल।
बघौला फ्लाईओवर पर छह महीने में ही बार-बार हो रहे गड्ढों को लेकर दो अप्रैल को अमर उजाला में प्रकाशित खबर का असर हुआ है। अखबार ने इस समस्या को प्रमुखता से उठाया तो प्रशासन हरकत में आया और फ्लाईओवर की मरम्मत का कार्य शुरू कर दिया गया है। इससे रोजाना इस मार्ग से गुजरने वाले हजारों वाहन चालकों को राहत मिलने की उम्मीद जगी है।
गौरतलब है कि करीब 50 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुआ और लगभग दो किलोमीटर लंबा बघौला फ्लाईओवर शुरुआत से ही गुणवत्ता को लेकर सवालों में रहा है। इसे अक्तूबर 2025 में दिवाली के आस-पास आमजन के लिए खोला गया था, लेकिन महज छह महीने के भीतर ही फ्लाईओवर की सड़क पर कई जगह गड्ढे बन गए। इससे वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था और दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया था।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि गड्ढों को ठीक करने के लिए कई बार पैच वर्क किया गया, लेकिन यह मरम्मत भी टिकाऊ साबित नहीं हुई। कुछ ही समय बाद पैच उखड़ने लगते हैं और उन्हीं स्थानों पर दोबारा गड्ढे बन गए। इससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता और पैच वर्क में भी भ्रष्टाचार की आशंका जताई जा रही है। अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद संबंधित विभाग ने संज्ञान लिया और फ्लाईओवर पर मरम्मत कार्य शुरू कराया। फिलहाल गड्ढों को भरने और सड़क को समतल करने का कार्य किया जा रहा है। हालांकि, स्थानीय लोग इस अस्थायी मरम्मत से संतुष्ट नहीं हैं और फ्लाईओवर की पूरी तरह से गुणवत्ता जांच कर स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं।
लोगों ने कहा कि इतनी बड़ी लागत से बने फ्लाईओवर का इतनी जल्दी खराब होना गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। उन्होंने प्रशासन से निर्माण एजेंसी की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की स्थिति दोबारा न हो।