हथीन। सरकारी अस्पतालों में सर्दी-जुकाम, वायरल बुखार और डायरिया जैसी सामान्य बीमारियों के इलाज को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। महानिदेशक स्वास्थ्य सेवाएं की ओर से जारी आदेश में डॉक्टरों को स्पष्ट रूप से हिदायत दी गई कि ऐसी बीमारियों में बिना आवश्यकता एंटीबायोटिक दवाएं न लिखी जाएं। निर्देशों के अनुसार, सभी चिकित्सकों को मरीजों के लिए केवल जेनेरिक दवाएं ही लिखनी होंगी।
दवाओं के नाम बड़े कैपिटल अक्षरों में स्पष्ट रूप से लिखे जाएं, ताकि किसी प्रकार की भ्रम की स्थिति न बने। साथ ही दवा की खुराक, सेवन का समय और देने का तरीका भी पर्ची पर साफ-साफ उल्लेख करना अनिवार्य है। हर पर्ची पर संबंधित डॉक्टर की मुहर और हस्ताक्षर भी जरूरी होंगे। स्वास्थ्य विभाग ने यह भी निर्देश दिया है कि दवाओं के नाम संक्षिप्त रूप में न लिखे जाएं। यदि किसी नर्सिंग अधिकारी को टेलीफोन पर दवा देने के निर्देश दिए जाते हैं, तो सीनियर नर्सिंग ऑफिसर या इंचार्ज को दवा का नाम, खुराक और प्रक्रिया की पुष्टि करनी होगी। इसके अलावा, हल्की बीमारियों में अधिकतम पांच दिन और गंभीर मामलों में 15 दिन तक की दवाएं ही लिखने का प्रावधान किया गया है। एसएमओ एवं डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. संजय शर्मा ने बताया कि सभी डॉक्टरों और फार्मेसी अधिकारियों को इन नए निर्देशों से अवगत करा दिया गया है और सख्ती से पालन करने को कहा गया है।