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जिला नागरिक अस्पताल में मरीजों को न पीने का पानी मिल रहा, न कूलर व पंखों की सुविधा

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पलवल। सूरज का कहर कम नहीं हो रहा है। सोमवार को भी जिले में तापमान उच्चतम 42 डिग्री तथा न्यूनतम 25 डिग्री रहा। ऐसे में लोग गर्मी से राहत पाने के लिए जिला नागरिक अस्पताल में पानी के लिए वाटर कूलरों पर लटके रहे। जिला नागरिक अस्पताल में तो एक-दो स्थानों पर लगे वाटर कूलर खराब होने के कारण मरीजों के परिजनों को नीचे से खरीदकर पानी खरीदकर लाना पड़ रहा है। इतना ही नहीं अस्पताल में मरीजों के भर्ती होने के लिए बनाए गए वार्ड में न तो पर्याप्त संख्या में पंखे हैं और कूलर तो है ही नहीं। ऐसे में इस भीषण गर्मी में लोग इधर-उधर भटकते नजर आते हैं। बार-बार मरीजों व परिजनों द्वारा शिकायत करने के बाद भी जिला स्वास्थ्य विभाग अधिकारियों को यह सब दिखाई नहीं दे रहा है।
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जिला नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन एक हजार से अधिक लोग उपचार के लिए आते हैं, जबकि अस्पताल में स्थित जच्चा-बच्चा वार्ड में प्रतिदिन 50 के करीब डिलीवरी होने के बाद महिलाएं व बच्चे दाखिल रहते हैं। उसके अलावा अन्य मरीज भी अस्पताल में भर्ती हैं, इन सबके बावजूद अस्पताल के किसी भी वार्ड में न तो पर्याप्त संख्या में पंखों की सुविधा है और न ही कूलर हैं। जिससे मरीजों को गर्मी से राहत दिलाने के लिए लोग अपने साथ घरों से पंखे लेकर आते हैं। अस्पताल प्रशासन इन वार्डों में आकर भी नहीं देखता। वार्डों में तैनात नर्सिंग स्टाफ भी अपनी तरफ से हाथ खड़े कर देता है। जिसका खामियाजा बेचारे मरीज भुगत रहे हैं। कई बार तो परिजन भी गर्मी में जच्चा-बच्चा वार्ड में पानी न मिलने पर नवजात शिशुओं को फ्रूटी तक पानी की जगह मुंह में डाल देते हैं। इससे बच्चों को भी इस तरह से खतरा रहता है।
मेरी पुत्रवधू की डिलीवरी हुई है। नवजात शिशु व जच्चा मां को यहां अस्पताल में पीने तक के लिए पानी नहीं मिल रहा है। जच्चा-बच्चा वार्ड में जो वाटर कूलर लगा हुआ है, वह खराब है। एक बूंद पानी उसमें नहीं आ रहा है। इस कारण पानी के लिए बोतल लेकर भटकती फिर रही हूं। नर्स इस बारे में सुनवाई नहीं कर रही हैं तथा कहने पर बाहर से पानी खरीदकर लाने की बोल देती हैं।
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- सावित्री, हसनपुर
मेरे परिवार की सदस्या की डिलीवरी होनी है। हमें यहां लिटा दिया है। यहां न तो पंखे ठीक से चल रहे हैं और न ही पानी की व्यवस्था है। पूरे वार्ड में पंखों की जरूरत चार है, लेकिन लगे केवल दो हैं। ऐसे में सभी बिस्तरों पर हवा नहीं जाती। घर से पंखा लाकर लगाया है और पानी बाहर से मोल खरीदकर पी रहे हैं। कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
- सुमन, फुलवाडी
मेरी पत्नी बीमार है तथा वह यहां प्रथम तल पर स्थित वार्ड में भर्ती है। वार्ड में बेतहाशा गर्मी है। पंखे पूरे नहीं हैं और कूलर खराब पड़े हैं। ऐसे में घर से पंखा लाकर लगाया है। पीने के पानी की भी उचित व्यवस्था न होने के कारण बाहर से खरीदकर पीना पड़ रहा है।
- गजराज, रतिपुर
मैं इस बारे में जानकारी लूंगा। खराब पड़े वाटर कूलरों को ठीक कराने के लिए आदेश दे दिए हैं। साथ ही कूलर भी ठीक कराने को बोल दिया गया है। जहां पंखों की जरूरत है, वहां पंखे भी लगवाए जाएंगे। अस्पताल में किसी भी तरह की असुविधा मरीजों व उनके परिजनों को नहीं होने दी जाएगी।
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- डॉ. ब्रह्मदीप सिंह, जिला सिविल सर्जन, पलवल
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